फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: डेंगू जांच के शुल्क में मनमानी...एलाइजा टेस्ट की ले रहे दोगुनी कीमत

विज्ञापन
विज्ञापन
कमिश्नर ने तय कीमत में जांच करने के दे रखे हैं निर्देश, निजी अस्पतालों में रैपिड टेस्ट के लिए जा रहे 700 की जगह 900 रुपये
विज्ञापन

बदलते मौसम में बढ़े बुखार के मरीज, जिले में डेंगू के मिल चुके हैं 30 मरीज, लक्षण देख डॉक्टर दे रहे डेंगू की जांच का परामर्श
गोरखपुर। बदलते मौसम में बुखार के मरीज भी बढ़ गए हैं। शहर में डेंगू के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में कई दिन तक बुखार नहीं उतरने पर डॉक्टर डेंगू की जांच कराने का परामर्श दे रहे हैं। लिहाजा जांच के लिए मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। निजी अस्पताल और पैथोलॉजी संचालक इसका फायदा उठाते हुए जांच कराने वालों से मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं। शासन की तरफ से दरें तय होने के बावजूद रैपिड टेस्ट के लिए 700 के बजाय 900 और एलाइजा टेस्ट के लिए तय 1200 की जगह दो हजार से 25 सौ रुपये तक वसूले जा रहे हैं।

कमिश्नर अनिल ढींगरा ने डेंगू की जांच में आईएमए के पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चत कराएं कि प्राइवेट पैथालॉली व अस्पताल में निर्धारित शुल्क से ज्यादा न लिए जाएं। इस आदेश के बाद भी निजी अस्पतालों की मनमानी जारी है। बेतियाहाता से लेकर रुस्तमपुर और तारामंडल क्षेत्र के अस्पतालों में इन दिनों मरीजों की भीड़ नजर आ रही है। इनमें बुखार और वायरल के मरीजों की संख्या ज्यादा है। कई अस्पतालों की तरफ से जरूरी बताकर जांच के लिए पैथोलॉजी सेंटर पर भेजा जा रहा है। एलाइजा और रैपिड टेस्ट के साथ कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) जांच भी कराई जा रही है। वायरल से पीड़ित मरीजों को जांच के नाम पर हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन

शुक्रवार दोपहर 1:30 बजे सरकारी अस्पताल में लंबी लाइन थी। पादरी बाजार के राकेश वर्मा ने तेज बुखार से पीड़ित बेटे का पास के निजी अस्पताल में रैपिड टेस्ट करवाया, वहां उन्हें 1200 रुपये देने पड़े। पूछने पर जवाब मिला कि यही रेट है। इसी तरह नंदानगर के सूर्य प्रकाश सिंह बेतियाहाता के एक अस्पताल में अपनी मां का इलाज कराने पहुंचे। डॉक्टर ने एलाइजा जांच कराने के लिए कहा। अस्पताल में ही जांच की सुविधा थी। जांच के लिए 2500 रुपये शुल्क देना पड़ा। गनीमत रही कि जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई।
-
निजी अस्पताल में मांग रहे थे 1500 रुपये
बक्शीपुर की सुप्रिया अग्रवाल तीन दिन से बुखार से जूझ रहीं हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल में डेंगू की जांच कराने पहुंचीं। डेंगू की निशुल्क रैपिड जांच की गई। जांच में वायरल बुखार आने के बाद डॉक्टर से परामर्श लेकर घर लौट गईं। उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों में इस जांच के लिए एक हजार से 1500 रुपये तक लिए जा रहे हैं।
-
बुखार के मरीज बढ़े...बरतें सावधानी
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीके सुमन ने बताया कि रोजाना बड़ी संख्या में बुखार की समस्या लेकर मरीज अस्पताल आ रहे हैं। इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को दोपहर 12 बजे तक बुखार से पीड़ित करीब 150 मरीजों को परामर्श दे चुके थे। मरीजों की सुविधा के लिए जिला अस्पताल में डेंगू की जांच निशुल्क है। मरीज एलाइजा जांच भी निशुल्क करा सकते हैं।
-
डेंगू का डर...फायदा उठा रहे पैथोलॉजी संचालक
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में अब तक डेंगू के कुल 30 मामले सामने आ चुके हैं। लगातार नए मामले सामने आने से लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। बुखार और सिर दर्द की शिकायत पर लोग डेंगू की जांच कराना मुनासिब समझ रहे हैं। इसका फायदा उठाते हुए पैथोलॉजी संचालक मनमाना वसूली कर रहे हैं।
-
क्या है एलाइजा और रैपिड टेस्ट
एलाइजा एक लैब आधारित परीक्षण होता है। इसमें जांच करके बीमार के शरीर में एंटीबॉडी, एंटीजन या प्रोटीन की मात्रा आंकी जाती है। रैपिड टेस्ट में डेंगू के लक्षण पॉजिटिव और निगेटिव आते हैं।
विज्ञापन



कोट
निजी अस्पतालों में निर्धारित शुल्क लेकर ही डेंगू की जांच की जानी है। इसकी निगरानी के लिए आईएमए के पदाधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा गया है। अगर जांच के लिए ज्यादा शुल्क लिया जा रहा है तो फिर बात की जाएगी। इसके बाद भी मनमानी जारी रही तो कार्रवाई की जाएगी।
- अनिल ढींगरा, कमिश्नर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें