शाहपुर और शहर के सिविल लाइंस में आकर तांडव मचाने वाले पशु तस्करों के गिरोहों की पहचान कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि पूर्व में गोरखपुर में एसपी नार्थ की गाड़ी में टक्कर मारने वाले बिहार और कुशीनगर के गिरोह ने एक बार फिर तस्करी शुरू कर दी है।
अब सीसी टीवी कैमरों से पहचान कर शहर में नाकाबंदी बढ़ा दी गई है। पहले शहर में 21 नाकाबंदी थी, अब 36 जगहाें पर पुलिस ने बैरिकेडिंग करते हुए पहरा बढ़ा दिया है। यहां चेकिंग के दौरान संदिग्ध नजर आते ही पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करेगी और फिर सभी थाने की पुलिस सड़कों पर होगी।
जानकारी के मुताबिक, पांच दिसंबर की रात में शाहपुर इलाके के आवास विकास कॉलोनी में आए पशु तस्करों ने तांडव मचाया था। विरोध करने पर पथराव करने के साथ डराने के लिए पिस्टल निकाल लिए थे। आरोपियों की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। पुलिस आरोपियों की जांच कर रही थी कि इसी बीच बुधवार की रात शहर के पॉश इलाके सिविल लाइंस में पशु तस्करों ने धावा बोल दिया।
शहर में रात में चेकिंग करती पुलिस
- फोटो : स्त्रोत-पुलिस
यहां पर पथराव करने के साथ ही दो पशुओं को पिकअप में लादकर उठा ले गए। शहर के बीच में इस तरह की घटना के बाद सक्रिय हुई पुलिस के हाथ सीसी टीवी फुटेज लग गए हैं। इससे पता चला है कि दोनों ही घटनाओं को अलग-अलग तस्करों के गिरोह ने अंजाम दिया है। एक गिरोह बिहार का है तो दूसरा कुशीनगर का है।
बढ़ा दी गई शहर में नाका की संख्या : इस घटना के बाद अब नौसड़, एकला बंधा, बरगदवां, कोनी, रामनगर कड़जहां, मोतीराम अड्डा समेत अन्य जितने भी शहर में घुसने के मार्ग है, सभी पर पुलिस की नाकाबंदी कर दी गई है।
एसपी ने बताया कि शहर में पहले 21 जगहों पर पिकट लग रहे थे, अब 36 जगहों पर पुलिस की ड्यूटी लगा दी गई है। इसके अलावा हर थाने में दो-दो टीम गठित कर दी गई है, जो पशु तस्करों की सूचना आते ही सक्रिय हो जाएगी। हर टीम में पांच पुलिस वालों को शामिल किया गया है।