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मरीज माफिया: सरकारी अस्पताल ने रेफर किया BRD,'सेटिंग' से लाए निजी अस्पताल- जच्चा-बच्चा दोनों की मौत

Sun, 22 Dec 2024 12:02 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो

सार

सिद्धार्थनगर की एक प्रसूता और नवजात की कैंट क्षेत्र के खोवा मंडी स्थित निजी हाॅस्पिटल में मौत के बाद पति ने डॉक्टर और एंबुलेंस चालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि सिद्धार्थनगर के सरकारी अस्पताल से रेफर गर्भवती को अच्छे इलाज का झांसा देकर एंबुलेंस चालक ने चार हजार रुपये लेकर भर्ती कराया था। आरोप है कि इलाज में लापरवाही से पहले बच्चे की मौत हो गई और फिर प्रसूता ने दम तोड़ दिया।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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खोआ मंडी स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार को कुछ घंटों के अंतराल पर नवजात और उसकी मां की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल संचालक की लापरवाही से मौत का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की है। परिजनों का आरोप है कि एक निजी एंबुलेंस चालक उन्हें अच्छे अस्पताल में इलाज का झांसा देकर उन्हें वहां ले गया।

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इसके लिए उसने चार हजार रुपये लिए थे। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने पैसे न देने पर शव ले जाने से भी रोक दिया। बाद में पुलिस के पहुंचने पर शव परिजनों को मिल सका। सिद्धार्थनगर की एक प्रसूता और नवजात की कैंट क्षेत्र के खोवा मंडी स्थित निजी हाॅस्पिटल में मौत के बाद पति ने डॉक्टर और एंबुलेंस चालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

आरोप है कि सिद्धार्थनगर के सरकारी अस्पताल से रेफर गर्भवती को अच्छे इलाज का झांसा देकर एंबुलेंस चालक ने चार हजार रुपये लेकर भर्ती कराया था। आरोप है कि इलाज में लापरवाही से पहले बच्चे की मौत हो गई और फिर प्रसूता ने दम तोड़ दिया। पति का आरोप है कि शव देने के लिए अस्पताल प्रशासन ने पहले बकाए बिल की मांग की।
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कैंट पुलिस मामले की जांच कर रही है।सिद्धार्थनगर जिले के गोल्हौरा थाना क्षेत्र के महुआवाखुर्द निवासी मायापति दुबे की पत्नी रीता देवी (40) को गर्भवत थीं। शुक्रवार शाम प्रसव पीड़ा हुई तो पति उन्हें जिला अस्पताल ले गए। वहां से डॉक्टरों ने रीता को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन उसे गोरखपुर लाने की तैयारी कर रहे थे तभी एक प्राइवेट एंबुलेंस चालक मिल गया।

उसने कहा कि वह चार हजार रुपये लेगा और गोरखपुर के एक अच्छे प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती करा देगा। वहां रुपये भी अधिक नहीं लगेंगे। उसके झांसे में आकर मायापति रीता को लेकर शुक्रवार रात खोवा मंडी स्थित अस्पताल पहुंच गए। यहां प्रसव के लिए 32 हजार रुपये की मांग की गई। पति ने 15 हजार रुपये पहले जमा किए। फिर कुछ और रुपये मंगाकर जमा कर दिए।

इसी बीच देर रात करीब दो बजे नार्मल प्रसव में मरा हुआ बच्चा पैदा हुआ। इसके बाद अस्पताल की ओर से ब्लड की व्यवस्था करने को कहा गया। पति ने ब्लड का इंतजाम कर दिया, लेकिन शनिवार दोपहर में रीता की भी मौत हो गई। आरोप है कि परिजनों ने जब शव मांगा तो अस्पताल प्रबंधन ने और रुपयों की मांग करते हुए देने से इनकार कर दिया।

इस पर पीड़ित ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना पर आई पुलिस की मदद से शव परिजनों को सौंपा गया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया है। रीता दो बच्चों की मां थी। बड़ी बेटी सृष्टि दस वर्ष की है, जबकि बेटा युवराज चार साल का है। इस संबंध में सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने कहा कि परिजनों की तहरीर मिलने पर मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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