गोरखपुर। भारत- पाकिस्तान बार्डर पर बढ़ते तनाव को देखते हुए एम्स प्रशासन ने डॉक्टरों की गर्मी की छुट्टियां रद्द कर दी है। यह फैसला आपात स्थिति से निपटने और स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी क्षमता से जारी रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
एम्स में हर साल मई से जुलाई के बीच डॉक्टरों को गर्मी की छुट्टी दी जाती है। आमतौर पर इस दौरान हर विभाग से आधे डॉक्टर छुट्टी पर रहते हैं, जिससे ओपीडी सेवाओं, सर्जरी और अन्य चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ता है। इस समय एम्स के 42 डॉक्टर छुट्टी पर हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार एम्स प्रशासन ने डॉक्टरों को पूरी तरह सतर्क रहने और ड्यूटी पर मौजूद रहने का निर्देश दिया है। इसके बाद एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। कार्यकारी निदेशक ने कहा देश की वर्तमान परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय एहतियात के तौर पर लिया गया है। हम किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मरीजों को लगातार चिकित्सा सेवा प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है।