कैंपियरगंज के नेतवर घाट पर विश्वनाथ और नीतू का रोहिन नदी घाट पर किया दाह संस्कार
बड़े भाई को तीन दिन पहले दी थी विश्वनाथ ने आत्महत्या करने की धमकी
गोरखपुर। विश्वनाथ और नीतू ने सल्फास की 17 गोलियां पानी के साथ खाईं थीं। शरीर में जहर फैलने लगा तो वे खेत में ही तड़पने लगे। शरीर में गर्मी बढ़ने पर दोनों ने कपड़े निकालकर फेंक दिए थे। मौत से पहले दोनों घंटों तड़पे थे। पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने चिलुआताल स्थित घटनास्थल की जांच कर यह आशंका जाहिर की है। वहीं दोनों की मौत के बाद गमजदा परिवार वालों का कहना था कि अगर बात मान ली होती तो आज दोनों की जान बच जाती।
जानकारी के मुताबिक, घटना की सूचना पर बृहस्पतिवार सुबह विश्वनाथ का बड़ा भाई बृजेश सिंह घटना स्थल पर पहुंचा और दहाड़ मारकर रोने लगा। वह बार-बार कह रहा था काश अपने भाई की बात मान ली होती तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। बृजेश ने बताया कि विश्वनाथ दो दिन पहले स्कूटी लेकर गोरखपुर गया था। दोनों का चार साल से प्रेम संबंध था। नीतू की शादी के बाद तलाक हो चुका था और वह गोरखपुर में रहती थी। जबकि विश्वनाथ दिल्ली में एक हॉस्पिटल में काम करता था। एक माह पहले ही वह घर लौटा था। इसके बाद से ही पिछले कुछ दिनों से नीतू से शादी करने की जिद करते हुए आत्महत्या की धमकी दे रहा था। घटनास्थल पर एक स्कूटी भी मिली है। जिसके नंबर प्लेट के आधार पर पता चला है कि गाड़ी अयोध्या रामनगर काॅलोनी निवासी मनीष गिरधारी लाल शर्मा की है।
विश्वनाथ के भाई बृजेश ने बताया कि हाल ही में अयोध्या से सेकेंड हैंड गाड़ी खरीदी थी। इससे विश्वनाथ चल रहा था। वहीं दोनों के शव के पास से ही हैंडबैग, घड़ी, नथिया और दुपट्टा भी मिला है। पुलिस के अनुसार, घटना स्थल पर सल्फास की दो शीशियां मिली थीं। इसमें तीन गोलियां बची थीं। इसी से आशंका है कि दोनों ने 17 गोलियां खाईं होंगी।
चार साल से दोनों में था प्रेम संबंध
विश्नाथ के दोस्तों ने बताया कि उसका नीतू से चार से प्रेम संबंध था। युवती के माता-पिता किसान हैं। दोनों के घर की आपस में दूरी करीब डेढ़ किलोमीटर है। करीब तीन वर्ष पहले विश्वनाथ ने नीतू से शादी करने दबाव बनाया था। लेकिन परिजन नहीं माने और नीतू की कहीं और शादी करा दी थी। प्रेम संबंध की वजह से ही डेढ़ साल में ही नीतू का पति से तलाक हो गया। इसके बाद मायके में आकर रहने लगी। इधर फिर से दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई और शादी करने की बात करने लगे। इसी बीच विश्वनाथ की कहीं और सगाई तय हो गई। इसको लेकर दोनों परेशान थे। इसके बाद विश्वनाथ लगातार घरवालों पर नीतू से शादी करने का दबाव बनाने लगा और खुदकुशी की भी धमकी दी। दो दिन पहले विश्वनाथ घर से निकला और बुधवार को नीतू भी निकली। बृहस्पतिवार सुबह चिलुआताल के चिउटहां पुल से 150 मीटर दूर खेत में दोनों का शव मिला। इस दौरान लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई थी।
दोनों के शव का हुआ दाह संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद कैंपियरगंज के नेतवर घाट पर विश्वनाथ और नीतू का रोहिन नदी घाट पर परिजनों ने दाह संस्कार किया। नीतू के घरवाले बेहद नाराज दिखे। वे किसी से भी बात करने को तैयार नहीं थे। वहीं जवान बेटे की मौत के बाद विश्वनाथ के घर पर कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम में दोनों की मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा प्रिजर्व कर लिया गया है।