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Gorakhpur News: लुभावनी योजनाओं का झांसा देकर बनाया 1500 लोगों को ठगी शिकार

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प्राइवेट बैंक खोलकर ठगी का मामला
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थाने में सुनवाई न होने पर पीड़ितों ने एसएसपी कार्यालय में लगाई गुहार
घर के बाहर स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी का पोस्टर लगाकर नेपाल भागे संचालक
गोरखपुर। शाहपुर थाना क्षेत्र में प्राइवेट बैंक खोलकर 1500 खाता धारकों का पांच करोड़ रुपये जालसाजों ने ठगे हैं। जालसाजों ने खाताधारकों को लुभाने के लिए बैंक में एफडी और नियमित जमा पर अत्यधिक लाभ का झांसा दिया। इसमें पांच साल में जमा राशि दोगुनी और छह साल में तीन गुना करने का वादा किया गया। बाजार की सामान्य ब्याज दर से कई गुना अधिक रिटर्न का प्रलोभन देकर लोग रुपये जमा करने लगे। लेकिन जब रिटर्न का वक्त आया तो कंपनी के दफ्तर के दरवाजे पर स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी का पोस्टर लगाकर नेपाल भाग गए। थाने में सुनवाई न होने पर परेशान निवेशक व कंपनी के एजेंट गुरुवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे और बैंक संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसपी सिटी ने तहरीर लेकर जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
शाहपुर क्षेत्र के बिछिया मोहल्ला निवासी कंचन यादव, नितीश कुमार, सूरज चौरसिया, अजय कुमार, विनोद तिवारी, रामअवतार, संतोष और सेराज ने बताया कि वर्ष 2016 में बिछिया इलाके में रहने वाले एक शख्स ने अपने घर पर ही प्राइवेट बैंक की तरह ऑफिस खोल था। इसमें उसने आस-पास और शहर के कई युवाओं को एजेंट बनाया। इसके बाद एजेंट आम जनता के खाते खुलवाते और उनसे प्रतिदिन रकम लेकर बैंक में जमा करते थे। इसके बदले खाताधारकों को बाकायदा रसीद दी जाती थी। सभी एजेंटों के सेलरी अकाउंट भी इसी उसी बैंक में ही खोले गए थे। इससे लोगों को भरोसा और बढ़ गया। एजेंटों के अनुसार, उन्होंने पिछले नौ साल में करीब 1500 लोगाें को पांच करोड़ से अधिक रुपये जमा कराए हैं। प्रति एजेंट का जमा धन व वेतन मिलाकर कुल करीब 13.40 लाख रुपये उन लोगों के डिपॉजिट हैं। संचालक ने रक्षाबंधन के बाद स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी का पोस्टर लगवाया। इसके बाद 17 अगस्त तक बैंक बंद रहा। इसी बीच एजेंट के पास संचालक की कॉल आई। संचालक ने बोला, हमलोग नेपाल जा रहे हैं। अब तुम लोग कलेक्शन मत करना। जब वापस आएंगे तब देखा जाएगा। इसके बाद संचालक का मोबाइल बंद हो गया। इसके बाद एजेंट बुधवार को कार्यालय पहुंचकर जमकर हंगामा काटा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर वापस लौटा दिया था। पीड़ित सभी एजेंट के पास अब खाताधारकों की कॉल आ रही है। वे अपने रुपये मांग रहे हैं। खाताधारकों के लगातार कॉल आने के बाद पीड़ित एजेंट एसएसपी कार्यालय पहुंचकर एसपी सिटी अभिनव त्यागी से गुहार लगाई। एसपी सिटी ने मामले में जांच कर कार्रवाई के आश्वासन दिए हैं।
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बैंक में जमा रुपये से खरीदी गई संपत्ति
पीड़ित एजेंटों का आरोप है कि बैंक संचालकों ने लोगों के जमा पूंजी से शहर के कई इलाकों में संपत्ति खरीदी है। इसमें बिछिया में तीन मंजिला आलीशान मकान भी शामिल है।
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