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UP: 'मेरे दोस्त से उसके प्रेम संबंध हैं... मैंने बहन को मार डाला', प्रेम संबंध से नाराज भाई ने किया कत्ल

Tue, 07 Oct 2025 03:38 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

गोरखपुर में प्रेम संबंध से नाराज भाई ने बहन को नाले में डुबोकर मार डाला। पुलिस ने मां की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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gorakhpur murder - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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गोरखपुर के कैंपियरगंज में घर की इज्जत के नाम पर रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। कैंपियरगंज इलाके में सोमवार को 18 वर्षीय युवती की हत्या उसके सगे भाई ने ही कर दी। मामा के घर छोड़ने का झांसा देकर वह बाइक से बहन को ले गया और रास्ते में एक नाले की पुलिया पर पानी में डुबोकर मार डाला।
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वारदात के बाद आरोपी थाने पहुंचा और थाना प्रभारी से कहा- मैंने बहन को मार डाला है। मेरे दोस्त से उसके प्रेम संबंध हैं। उसकी हरकतों से घर की इज्जत मिट्टी में मिल गई थी। पुलिस ने मां की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
 

जानकारी के मुताबिक, युवती रविवार रात भाई से विवाद के बाद घर छोड़कर निकल गई थी। देर रात तक उसकी तलाश होती रही, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। सोमवार सुबह मां और भाई को वह कैंपियरगंज इलाके के एक चौराहे पर मिल गई। 

 

समझा-बुझाकर उसे घर लाए। कुछ देर बाद भाई ने मां से कहा कि वह बहन को मामा के घर छोड़ने जा रहा है। इसके बाद वह बहन को बाइक पर बैठाकर घर से निकला।

इसके बाद भाई ने रास्ते में बाइक एक नाले की पुलिया पर रोकी जहां दोनों के बीच फिर कहासुनी हुई। गुस्से में उसने बहन को पकड़कर नाले में धकेल दिया। खुद भी कूद गया और तब तक पानी में डुबोए रखा जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं।

 

वारदात के बाद आरोपी बाइक लेकर घर लौटा और सीधे कैंपियरगंज थाने पहुंचा। वहां उसने थाने में मौजूद एसओ राकेश कुमार रोशन को पूरी घटना बताई। पुलिस टीम आरोपी को घटनास्थल ले गई। वहां उसकी निशानदेही पर बहन के शव को बरामद कर लिया गया। घटना के बाद मां थाने पहुंचीं और बेटे के खिलाफ तहरीर दी।
 

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

प्रेम प्रसंग बनी हत्या की वजह
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी की बहन का महराजगंज के एक युवक से तीन साल से प्रेम संबंध था। वह आरोपी के दूर का रिश्तेदार और पुराना दोस्त भी है। दोस्ती के बहाने उसका घर आना-जाना शुरू हुआ। दोनों के बीच नजदीकी बढ़ीं तो परिवार ने विरोध किया और युवती की शादी दूसरी जगह तय कर दी। इसके बावजूद दोनों के बीच बातचीत जारी रही। यह बात आरोपी को नागवार गुजरी। उसे लगा कि बहन की वजह से परिवार की इज्जत पर दाग लग रहा है।

आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।- जितेंद्र श्रीवास्तव, एसपी नार्थ

घर की इज्जत..हर साल जा रही देशभर में 1000 लोगों की जान
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल करीब 1000 से अधिक ऑनर किलिंग के मामले दर्ज होते हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में सामने आते हैं।

 

हर कहानी का चेहरा बदलता है। कभी पिता, कभी भाई तो कभी चाचा, लेकिन वजह वही रहती है घर की इज्जत। 2019 में हरदोई में पिता ने बेटी और उसके प्रेमी को कुल्हाड़ी से काट डाला था। 2022 में प्रयागराज में एक भाई ने बहन को जिंदा जला दिया क्योंकि उसने अपनी पसंद से शादी की थी। और अब 2025 में कैंपियरगंज में यह मामला फिर से वही सवाल उठा रहा है।

कानून सख्त, लेकिन मानसिकता अब भी वही
ऑनर किलिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में साफ कहा था कि इज्जत के नाम पर हत्या भी हत्या ही है। इसकी सजा फांसी तक हो सकती है। फिर भी आंकड़े बताते हैं कि इन मामलों में दोषसिद्ध की दर बेहद कम है। कैंपियरगंज में भी कई ग्रामीण आरोपी युवक के समर्थन में हैं। उनका कहना है लड़की की हरकतें ठीक नहीं थीं, भाई ने इज्जत बचाई। यही सामाजिक समर्थन असल में सबसे खतरनाक है, क्योंकि यह आरोपी को नायक और पीड़ित को अपराधी बना देती है।

मां की बेबसी : एक संतान खोई, दूसरी जेल में
युवती की मां ने तहरीर देकर अपने ही बेटे को पुलिस के हवाले किया। रोती हुई युवती की मां बार-बार सिर्फ एक ही बात कहती हैं अगर समाज इतना बड़ा है, तो मेरा घर इतना छोटा क्यों पड़ गया कि मेरी बेटी उसमें नहीं रह सकी। एक संतान को खो दिया। अब बेटा जेल जा रहा।
 

ऑनर किलिंग पर समाज को सोचने की जरूरत
ऑनर किलिंग की घटनाएं पूर्वी उत्तर प्रदेश में अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन ये घटनाएं सामने आ रही हैं, तो इसका समाजशास्त्रीय दृष्टि से समग्र अध्ययन आवश्यक है। एक ओर सोशल मीडिया और उपभोक्तावादी बाजार ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी के मूल्यबोध और संबंधों की समझ को प्रभावित किया है। वहीं दूसरी ओर परंपरागत सामाजिक संरचनाएं और सामुदायिक दबाव अब भी प्रभावी हैं। इस द्वंद्व के परिणामस्वरूप यहां भी प्रतिष्ठा के नाम पर हत्या की प्रवृत्ति उभर सकती है। अतः आवश्यक है कि सरकार, शैक्षणिक संस्थान और समाज, सामाजिक संरचना और मूल्य प्रणाली में हो रहे परिवर्तनों पर गंभीरता से ध्यान दें।- डॉ. मनीष कुमार पांडेय, समाजशास्त्र विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय
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बीएनएस में ऑनर किलिंग के लिए कोई अलग से सेक्शन नहीं बनाया गया है। जब कोई व्यक्ति अपने सम्मान के लिए अपने परिवार के किसी सदस्य की हत्या करता है तो वह ऑनर किलिंग का दोषी माना जाएगा। बीएनएस की धारा 103 (2) में ऑनर किलिंग की सजा आजीवन कारावास या मृत्यु दंड होगी। एक व्यक्ति (पर्सनल,) विश्वास में की गई हत्या भी इसे कह सकते हैं। नीरज शाही, अधिवक्ता, क्रिमिनल लॉ एक्सपर्ट
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