एक बार को छोड़कर हर बार इस पद पर भाजपा का कब्जा रहा है। एक बार ट्रांसजेंडर अमरनाथ यादव उर्फ आशा देवी मेयर बनीं थीं। हालांकि, तब भी यह सीट आरक्षित थी। उन्होंने मेयर का पद जीतकर प्रदेश में किसी नगर निगम में ट्रांसजेंडर के मेयर बनने का रिकार्ड बनाया था।
12 फरवरी 1989 से 22 फरवरी 1994 तक पवन बथवाल नगर प्रमुख थे। उन्हीं के कार्यकाल में नगर महा पालिका से नगर निगम वजूद में आया था। पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीट पर भाजपा के राजेंद्र शर्मा नगर निगम के पहले मेयर बने थे।
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साल 2000 में पहली बार ट्रांसजेंडर अमरनाथ यादव उर्फ आशा देवी चुनाव जीतकर मेयर बनीं। तब यह पद अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित था। साल 2006 के चुनाव में मेयर का पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने के बाद भाजपा से अंजू चौधरी मेयर चुनी गईं।
वर्ष 2012 के चुनाव में मेयर की सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुई। इस बार भाजपा से सत्या पांडेय मेयर निर्वाचित हुईं। साल 2017 में मेयर की सीट फिर अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने के बाद भाजपा के टिकट पर सीताराम जायसवाल मेयर बने।
| मेयर |
आरक्षण |
साल |
| राजेंद्र शर्मा |
अन्य पिछड़ा वर्ग |
1995 |
| अमरनाथ यादव उर्फ आशा देवी |
अन्य पिछड़ा वर्ग महिला |
2000 |
| डॉ. अंजू चौधरी |
अन्य पिछड़ा वर्ग |
2006 |
| डॉ. सत्या पांडेय |
सामान्य महिला |
2012 |
| सीताराम जायसवाल |
अन्य पिछड़ा वर्ग |
2017 |