फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा की कंपनी से गोरखपुर नगर निगम ने किया था करार, समय पर नहीं दी मशीन तो जब्त किए 29 लाख

Sat, 07 Nov 2020 11:35 AM IST
vivek shukla राजीव रंजन, गोरखपुर।

सार

  • निर्धारित अवधि के अलावा ग्रेस पीरियड में भी पूरा नहीं किया अनुबंध
  • हरियाणा की एक कंपनी के साथ नगर निगम ने 20 कंपैक्टर आपूर्ति का किया था करार
विज्ञापन
गोरखपुर नगर निगम। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर नगर निगम ने हरियाणा की न्यू भारत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा कंपैक्टर की आपूर्ति नहीं करने पर सिक्योरिटी के तौर पर जमा करीब 29 लाख रुपये जब्त कर लिया है। अब नगर निगम इस मशीन की आपूर्ति के लिए फिर से टेंडर जारी करेगा।

विज्ञापन


स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम ने शहर से निकलने वाले कूड़े के बेहतर ढंग से निस्तारण के लिए नवंबर 2019 में हरियाणा की न्यू भारत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के साथ 20 कंपैक्टर मशीन की आपूर्ति का करार किया था। करीब छह करोड़ लागत की इन मशीनों के लिए कंपनी ने तकरीबन 29 लाख रुपये की जमानत राशि जमा की थी, लेकिन कंपनी निर्धारित समय पर इन मशीनों की आपूर्ति नहीं कर सकी थी।

कंपनी को एक महीने का ग्रेस पीरियड भी दिया गया। इसके बावजूद कंपनी सफल नहीं हो सकी। इसके बाद नगर निगम ने सिंडिकेट बैंक में न्यू भारत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड की सिक्योरिटी मनी के तौर पर रखी गई 28.85 लाख रुपये की राशि को जब्त कर लिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कूड़े को गाड़ियों में कंप्रेस कर रखने में इस्तेमाल होती है कंपैक्टर मशीन

नगर निगम में कूड़ा उठाने वाली 125 से ज्यादा गाड़ियां हैं। इन गाड़ियों में विभिन्न वार्डों में सफाई कर्मचारी कूड़ा उठाकर बस यूं ही रख देते हैं। ऐसे में गाड़ियों में काफी कम मात्रा में कूड़ा रखा पाता है। लिहाजा गाड़ियों को ज्यादा फेरे लगाने पड़ते हैं। ऐसे में कंपैक्टर मशीन में कूड़े को रखने के बाद कंपैक्टर मशीन से पूरी तरह से दबा दिया जाता है। इससे कूड़े के निस्तारण में सहूलियत होती है।

नवंबर 2019 में शुरू हुई थी प्रक्रिया
इन कंपैक्टर मशीनों को खरीदने के लिए नगर निगम ने नवंबर 2019 में जेम पोर्टल के माध्यम से टेंडर जारी किया। हरियाणा की कंपनी द्वारा टेंडर हासिल करने के बाद उसे वर्क आर्डर जारी किया गया। मशीनों की आपूर्ति के लिए कंपनी को 90 दिन का समय दिया गया, लेकिन निर्धारित अवधि में कंपैक्टर मशीन की आपूर्ति नहीं करने पर उसे एक महीने का ग्रेस पीरियड दिया गया। लेकिन इसके बाद भी कंपनी मशीनों की आपूर्ति करने में सफल नहीं हो सकी। इसके बाद क्रय समिति ने इस टेंडर को रद्द कर दिया। कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने भी क्रय समिति के इस निर्णय पर अपनी मुहर लगा दी।

नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि कंपैक्टर मशीन की आपूर्ति निर्धारित अवधि में नहीं करने के बाद संबंधित कंपनी का वर्क आर्डर निरस्त कर दिया गया है। साथ ही उसकी तकरीबन 29 लाख रुपये जमानत राशि को जब्त कर लिया गया है। जल्द ही इसके लिए नए सिरे से टेंडर जारी किया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें