शहर के साहित्यिक, सांस्कृतिक फलक पर प्रतिष्ठा अर्जित कर चुके गोरखपुर लिटेररी फेस्टिवल यानी ‘शब्द संवाद’ का मंच सज गया है। एक बार फिर शहर में साहित्य, कला, मीडिया, फिल्म और सामाजिक विमर्श से जुड़ी ढेरों ख्यातिलब्ध हस्तियां दो दिनों तक विभिन्न विषयों पर अपनी रायशुमारी के लिए मौजूद रहेंगी। फेस्टिवल का उद्घाटन एक फरवरी को सेंट एंड्रयूज कॉलेज के जुबिली हॉल में होगा।
लिटरेरी फेस्टिवल के अध्यक्ष डॉ. रजनीकांत श्रीवास्तव ने बताया कि दो दिनों तक चलने वाले आयोजन में कुल 12 सत्र होंगे। इसमें साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विश्वनाथ तिवारी, साहित्यकार मैत्रेयी पुष्पा, प्रो. केसी लाल, विभूति नारायण राय, ममता कालिया, हृषिकेश सुलभ, जयनंदन, पंकज मित्र और प्रभात रंजन जैसे साहित्यकारों के अलावा प्रो. वसीम बरेलवी, महेश अश्क़, कलीम कैसर, अबरार कासिम जैसे शायर, अनूठी किस्सागोई के लिए दुनिया भर में मशहूर महमूद फारूकी, फिल्म अभिनेता अखिलेंद्र मिश्र, गीतकार तनवीर गाजी, अपने उपन्यासों के चलते विशिष्ट हैसियत रखने वाले सुरेंद्र मोहन पाठक के अलावा मशहूर पत्रकार अजीत अंजुम, राणा यशवंत, कुमार भावेश और योगेश मिश्र भी मौजूद रहेंगे।
डॉ. संजय कुमार और शैवाल शंकर ने कहा कि गोरखपुर के सुधीजनों के लिए यह अभिनव शब्द कुंभ यादगार आयोजन होगा। कार्यक्रम की आयोजक संस्थाएं कुटुंब ग्लोबल, एपीपीएल यानी एक्शन फॉर पीस, प्रोस्पेरिटी एंड लिबर्टी तथा इंडिया फर्स्ट हैं।
एक फरवरी के प्रस्तावित कार्यक्रम
सुबह 11:30 बजे- उद्घाटन सत्र और समय समाज और शब्द संवाद विषयक परिचर्चा
(प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, मैत्रेयी पुष्पा, प्रो. केसी लाल, विभूति नारायण दास)
दोपहर 2 बजे - तिरगुन बैंड के आदित्य, जगदंबा, ऋषभ और आदर्श संगीतमयी प्रस्तुति देंगे
दोपहर 2:40 बजे - ‘विमर्शों में गुम होती कथा’ विषय पर चर्चा के लिए मैत्रेयी पुष्पा, कथाकार पंकज मिश्र और जयनंदन उपस्थित रहेंगे
4 बजे - हिदीं फिल्मों के चर्चित गीतकार, शायन तनवीर गाजी गुफ्तगू करेंगे।
4:45 बजे - पंकज मित्र के द्वारा कविता पाठ।
शाम 7 बजे - मशहूर किस्सागो महमूद फारूकी और दारेन शाहिदी ‘दास्तानगोई’ के साथ कला प्रेमियों से रूबरू होंगे।