देशभर में कोरोना वायरस के संदिग्ध एवं पॉजिटिव मरीजों को कोविड केयर सेंटर के रूप में तैयार किए गए ट्रेन के स्पेशल कोच ‘रक्षक’ में भी रखा जाएगा। इसके लिए रेलवे के 215 स्टेशन चिन्हित किए गए हैं। इनमें गोरखपुर जंक्शन समेत पूर्वोत्तर रेलवे के 18 स्टेशन शामिल हैं।
व्यवस्था एवं नियंत्रण के लिए इन स्टेशनों के जिले में नोडल आफिसर तैनात किए जाएंगे। जो स्थानीय प्रशासन से समन्वय बनाएंगे। हर कोच के पास एक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी रहेगी। मरीज की हालत अगर खराब होती है, उसे फौरन नजदीकी रेफर सेंटर पर भर्ती कराया जाएगा।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर मिनिस्ट्री ऑफ फेमिली एंड हेल्थ वेलफेयर ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। रेलवे बोर्ड को भी इंतजाम के बाबत बिंदुवार निर्देश दिए गए हैं।
एनईआर में 217 कोच बने हैं रक्षक
रेलवे स्टेशनों की जो सूची तैयार की गई है, उसमें यूपी के 25 स्टेशन शामिल हैं। जिन स्टेशनों पर ‘रक्षक’ कोच खड़े किए जाएंगे, वहां रेलवे के रोलिंग स्टॉक विभाग को बिजली, पानी, चादर आदि की व्यवस्था करनी ही है, बायोटॉयलेट की सफाई और रोजाना क्लोरीन की गोलियां डालनी होंगी।
कोच के हर केबिन में दो मरीज या संदिग्ध ही रहेंगे। सभी कोच में ऑक्सीजन की व्यवस्था रेलवे करेगा। मंत्रालय से जारी सूची में गोरखपुर का नोडल अफसर डॉ पी. प्रसाद को बनाया गया है। कुछ जगहों पर नोडल अफसर की तैनाती डीएम करेंगे।
एनईआर में कुल 217 कोच को आइसोशेलन वार्ड में बदला गया है। इन कोचों को रक्षक नाम दिया गया है। अभी ज्यादातर कोच रेलवे के कारखानों में हैं और कुछ स्टेशनों पर खड़े हैं।
एनईआर के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रेलवे प्रशासन की तैयारियां पूरी हैं। पूर्वोत्तर रेलवे में 217 कोच को आइसोलेशन वार्ड के रूप में तैयार किया गया है। 6000 पीपीई किट भी बनवाए गए हैं। रेलवे बोर्ड का जैसा निर्देश होगा, उसी के अनुरूप कोचों को खड़ा कराया जाएगा।
एनईआर के चिन्हित स्टेशन
गोरखपुर जंक्शन, वाराणसी सिटी, लखनऊ जंक्शन, गोंडा, बरेली सिटी, मंडुआडीह, बलिया, मऊ, गाजीपुर सिटी, आजमगढ़, नौतनवां, फर्रुखाबाद, भटनी, काशीपुर, काठगोदाम, रामनगर, लालकुआं, कासंगज।