गोरखपुर में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने पर 19 मरीजों को मिला जिंदगी भर का दर्द मिला है। अब तक ऑपरेशन कराने वाले कुल नौ मरीजों की आंख निकाली जा चुकी है, वहीं 10 की रोशनी चली गई है।
गोरखपुर के सिकरीगंज के जद्दूपट्टी स्थित न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद मरीजों की आंख में फैला संक्रमण गंभीर होता जा रहा है। एम्स दिल्ली में इलाज करा रहीं वहिदुंन निशा की एक आंख की रोशनी चली गई है।
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मरीजों के परिजनों ने अब अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब तक ऑपरेशन कराने वाले कुल नौ मरीजों की आंख निकाली जा चुकी है, वहीं 10 की रोशनी चली गई है। संतकबीरनगर के गोरया घाट निवासी वहिदुंन निशा की दाहिनी आंख का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था।
उसके बाद उनकी दोनों आंखों में संक्रमण फैलने के कारण आनन-फानन अस्पताल स्टाफ के साथ उनकी पुत्री जहीदून निशा के साथ दिल्ली एम्स भेज दिया गया। वहां चिकित्सकों के प्रयास से बायीं आंख को इंफेक्शन से बचा लिया गया लेकिन ऑपरेशन वाली दाहिनी आंख की रोशनी चली गई।
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वहिदुंन निशा ने बताया कि उन्हें दूर तक देखने में दिक्कत नहीं थी, केवल नजदीक से बारीक काम करने में परेशानी हो रही थी। इसी की जांच के लिए सिकरीगंज के न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल पर गई थीं। उनका आरोप है कि डॉक्टर ने मोतियाबिंद बताकर दो फरवरी को ऑपरेशन कर दिया। दो दिन बाद हालत खराब हो गई। दोनों आंखों में परेशानी बढ़ने लगी।
वहिदुंन ने बताया कि दोबारा न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल के डॉक्टर के पास जांच कराने गई तो वहां के स्टाफ एम्स लेकर चले आए। डॉक्टर ने बताया कि अगर देर हुई होती तो दूसरी आंख भी खराब हो जाती। यहां इलाज के बाद बायीं आंख तो बच गई लेकिन ऑपरेशन वाली दाहिनी आंख की रोशनी चली गई है।
उन्होंने बताया कि 23 फरवरी को फिर एम्स के डॉक्टर ने बुलाया है। दिल्ली में अपनी पुत्री के साथ रुकी हैं। उन्होंने बताया कि न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल सिकरीगंज के डॉक्टर या स्टाफ ने एक बार भी फोन नहीं किया। आगे उनका इलाज कैसे होगा, अल्लाह ही मालिक हैं।
पीड़ित के परिजनों ने कहा- अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ हो कार्रवाई
कुईं बाजार। न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल सिकरीगंज में बीते एक फरवरी को मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद आंखों में फैले संक्रमण को लेकर उनके परिजनों में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इनकी निकाली जा चुकी हैं आंखें
बारीगांव की देवराजी देवी, इन्नाडीह के अर्जुन सिंह, रहदौली की शंकरावती देवी, उसरी खास के जयराम, बनकटा के दीनानाथ, बारीपुर के रामदरश, भरसी के रणजीत, रामपुर लरबरी की मीरा देवी और गोला क्षेत्र के सहबाज अली की आंखें संक्रमण के कारण निकाल दी गई हैं।
यह है मामला
एक फरवरी को आयुष्मान योजना के तहत न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में 30 मरीजों के आंख की मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था। अगले दिन मरीजों की आंख में संक्रमण शुरू हो गया, अब तक 18 मरीज इसकी चपेट में आ गए।
मरीजों के परिजन हॉस्पिटल पर संपर्क किए, जहां से सभी को गोरखपुर रेफर कर दिया गया। मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए वहां के डॉक्टरों ने केस लेने से मना कर दिया। उसके बाद मरीजों को वाराणसी, लखनऊ और दिल्ली एम्स ले जाया गया।