दो उद्यमियों को आबंटित यह जमीन वन विभाग को होनी है ट्रांसफर।
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रामगढ़ताल क्षेत्र में शहर के एक उद्यमी और व्यवसायी को आवंटित 150 एकड़ जमीन वन विभाग को ट्रांसफर करने के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने शासन से 535 करोड़ रुपये की मांग की है। बुधवार को हुई जीडीए बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को भी अनुमोदन मिल गया।
रामगढ़ताल क्षेत्र में उद्योगपति ओम प्रकाश जालान और बिल्डर अनिल त्रिपाठी को करीब डेढ़ दशक पहले जीडीए ने 150 एकड़ जमीन आवंटित की थी। इस जमीन पर नौ सौ के करीब पेड़ भी हैं। लंबे समय तक इस कीमती जमीन को लेकर उद्योगपति-व्यवसायी और जीडीए के बीच कोर्ट में मामला चला रहा।
इसी बीच एनजीटी, नई दिल्ली की प्रमुख बेंच ने 29 अप्रैल 2019 को मीरा शुक्ला बनाम नगर निगम गोरखपुर प्रकरण की सुनवाई में इस जमीन को वन विभाग को ट्रांसफर करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा था कि वेटलैंड को लेकर चिन्हित जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण नहीं होना चाहिए।
प्रदेश सरकार या जीडीए पर्यटकों के लिए इसे ग्रीन लैंड के तौर पर विकसित करे। जीडीए ने जमीन वन विभाग को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की। जीडीए सचिव राम सिंह गौतम ने बताया कि डीएम सर्किल रेट के हिसाब से जमीन की कीमत 535 करोड़ आंकी गई। इसके लिए प्राधिकरण ने शासन में मांग रखी थी। बोर्ड में इसका प्रस्ताव रखा गया था जिसपर सहमति बन र्गई है।