हर साल की तरह इस बार भी गोरखपुर महोत्सव अपने तय समय पर ही होगा। आगामी विधानसभा चुनाव 2022 की संभावित अधिसूचना को लेकर महोत्सव पर संशय के बादल मंडरा रहे थे। मगर अब यह तय हो गया है कि महोत्सव होगा। हालांकि इसके स्वरूप में थोड़ा बदलाव हो सकता है यानी हर बार की तरह इस बार का महोत्सव बहुत भव्य न होकर थोड़ा छोटा हो सकता है।
एक बड़ा बदलाव यह भी हुआ है कि इस बार गोरखपुर महोत्सव समिति के अध्यक्ष कमिश्नर नहीं होंगे। कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने यह जिम्मेदारी डीएम विजय किरन आनंद को सौंप दी है। उन्हीं की निगरानी में महोत्सव का आयोजन होगा। महोत्सव की रुपरेखा को लेकर अंतिम फैसला जल्द ही होने की उम्मीद है। हर साल 11, 12 और 13 को महोत्सव का आयोजन होता है। कोविड की वजह से इस साल यानी 2021 में सिर्फ दो 12 और 13 जनवरी को महोत्सव आयोजित हुआ था।
गोरखपुर महोत्सव-2022 के आयोजन को लेकर पहली बैठक कमिश्नर व महोत्सव समिति के अध्यक्ष रवि कुमार एनजी की अध्यक्षता में 13 नवंबर को ही हो चुकी है। उस बैठक में तय हो चुका है कि इस बार महोत्सव का आयोजन रामगढ़ ताल क्षेत्र में होगा। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में इस बार कोई भी कार्यक्रम नहीं होगा। यह फैसला जिले में पर्यटन, संस्कृति और ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है।
चंपा देवी पार्क, नुमाइश ग्राउंड एवं योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। महोत्सव के आयोजन के लिए जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह को नोडल अधिकारी बनाया जा चुका है। मंडलायुक्त में जिले की लोककला सहित अन्य विधाओं के कलाकारों को मंच प्रदान किया जाएगा। प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा स्तर पर बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए खेल प्रतियोगिताओं सहित कई कार्यक्रम होंगे। शिल्प मेला भी लगेगा। सांस्कृतिक पंडाल में बॉलीवुड कलाकारों का भी मंच सजेगा।
महोत्सव के दौरान साहित्य, कला, अध्ययन, पत्रकारिता, लेखन, लोक कला एवं सामाजिक कार्य से जुड़े व्यक्तियों को भी सम्मानित किया जाएगा। सभी विभाग के स्टाल भी लगाए जाएंगे। कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने बताया कि डीएम की अध्यक्षता में महोत्सव होगा। इसकी तैयारी चल रही है।