गोरखपुर यूनिवर्सिटी के साथ इस बार गोरखपुर महोत्सव के कई कार्यक्रमों का आयोजन रामगढ़ताल किनारे या उसके आस-पास कराने की तैयारी है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए एक जगह भीड़ न हो इसलिए अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने पर निर्णय लिया जा रहा है।
महोत्सव के मद्देनजर ही पिछले सप्ताह कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, जीडीए उपाध्यक्ष, सीडीओ आदि अफसरों के साथ मुक्ताकाशी मंच और निर्माणाधीन प्रेक्षागृह का निरीक्षण किया था। कमिश्नर ने हर हाल में 10 जनवरी तक प्रेक्षागृह का निर्माण कार्य पूरा करने के साथ ही जीडीए को भी जल्द मुक्ताकाशी मंच का संचालन करने के लिए प्राइवेट फर्म को जिम्मेदारी सौंपने का निर्देश दे रखा है।
बुधवार को आयुक्त सभागार में कमिश्नर ने फिर से महोत्सव के तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को तैयारियों में तेजी लाने का निर्देश दिया। कहा कि गोरखपुर महोत्सव, स्थानीय कलाकारों के लिए एक बड़ा मंच है, जहां कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर सकेंगे।
इस मंच के जरिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें पहचान मिलती है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए इस बार महोत्सव आयोजन समिति ने आयोजन को सीमित करने का निर्णय लिया है।
अलग-अलग विषयों पर सेमिनार भी होंगे
गोरखपुर महोत्सव के तहत हर साल मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है लेकिन इस बार अलग-अलग विषयों पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। पर्यटन, ओडीओपी, उद्योग, योग, गो-संरक्षण समेत विभिन्न विषयों पर आयोजित सेमिनार में विशेषज्ञ जो राय रखेंगे उन्हें संकलित किया जाएगा और गोरखपुर के विकास के लिए महत्वपूर्ण सुझाओं को अमल में भी लाया जाएगा।