कोरोना संक्रमण की पहली लहर की अपेक्षा दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक थी। दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत से लेकर मरीजों को बेड तक नहीं मिल रहे थे। हालात ऐसे हो गए थे कि कई मरीजों की जान तो एंबुलेंस में ही चली गई। हालात इतने खराब थे कि लोगों को निजी अस्पतालों तक में मुंहमांगे रुपये देने के बाद भी बेड नहीं मिल पा रहे थे।
टीकाकरण ने भी रोकी रफ्तार
कोरोना की दूसरी लहर के बीच कोविड संक्रमण को रोकने के लिए विभाग ने बड़े स्तर पर टीकाकरण की शुरुआत की। पहले चरण में हेल्थवर्कर और फ्रंटलाइन वर्करों को टीका लगाया गया। इसके बाद से जब आम नागरिकों को टीकाकरण लगना शुरु हुआ तो लोगों में उत्साह दिखा। इसका असर यह रहा है कि संक्रमण के मामले भी कम होने लगे। मौजूदा समय में करीब 28 लाख के आसपास लोगों को जिले भर में कोविड का टीका लगाया जा चुका है।
सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने कहा कि जिला कोरोना मुक्त हो गया है। यह जिलेवासियों के लिए राहत की बात है। लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, टीका जरूर लगवाएं।