सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी। (फाइल फोटो)
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि कोरोना के वार से सुरक्षा और सतर्कता ही बचाएगा। अगर हम सावधानी बरतें तो कामकाज के बीच कोरोना को हरा सकते हैं। कई डॉक्टर व कर्मचारी कोरोना मरीजों के बीच जाकर भी सतर्कता व सुरक्षा उपायों को अपनाकर इस महामारी से बचे हुए हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने लैब टेक्नीशियन और डॉक्टरों का हवाला देकर नागरिकों से अपील की है कि छोटी-छोटी सावधानियां बरतकर इस बीमारी से बचा जा सकता है। कोरोना रिपोर्ट अगर निगेटिव आए तो भी सावधान रहना है।
उन्होंने कहा कि रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) के प्रभारी एसीएमओ डॉ. एसएन त्रिपाठी की एंटीजन और रीयल टाइम पॉलिमर चेन रियेक्शन (आरटी-पीसीआर) से जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है, जबकि वह होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के घर नियमित जाते हैं।
सीएमओ ने बताया कि जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी केएन बरनवाल मार्च से कोविड ड्यूटी कर रहे हैं। वह मधुमेह के मरीज हैं। प्रवासियों की स्क्रीनिंग से लेकर कोविड मरीजों के जांच शिविर तक में उनका जाना हुआ। समय-समय पर एंटीजन, आरटीपीसीआर और ट्रूनेट विधि से उन्होंने कोरोना जांच कराई और निगेटिव रहे।
कोविड जांच करने वाले लैब टेक्निशियन आयुष सोनी न केवल कार्यस्थल पर बल्कि घर पर भी पूरी सतर्कता बरतते हैं। होम आइसोलेशन में कोरोना को हरा चुके आईडी सिंह का कहना है कि घर पर इलाज के दौरान डॉक्टर बिना डरे उनकी मदद किया करते थे।