बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि जूनियर डॉक्टरों को समझाया गया कि वे पर्चा काउंटर न बंद कराएं। इस पर वह मान गए हैं। बुधवार को सभी विभागों की ओपीडी में मरीजों की जांच की गई। जो मरीज मंगलवार को वापस कर दिए गए थे उन्हें प्राथमिकता के आधार पर डॉक्टरों ने देखा।
दो हिस्सों में बंटे नर्सिंग होम संचालक
बीआरडी के जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन में नर्सिंग होम संचालक दो हिस्सों में बंट गए हैं। नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. खालिद अब्बासी ने कहा कि इस आंदोलन से मरीजों को दिक्कतें हो रही हैं। आर्थिक रूप से मरीजों का नुकसान हो रहा है। उन्हें इलाज नहीं मिल रहा है।
यह एसोसिएशन हड़ताल में विश्वास नहीं करता। न ही ऐसे किसी आंदोलन को समर्थन नहीं दे रहा है। वहीं, दूसरी तरफ यूपी नर्सिंग होम एसोसिएशन गोरखपुर शाखा के सचिव डॉ. अमित मिश्रा ने कहा कि जूनियर डॉक्टरों की मांग जायज है। उन पर काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। कोविड की तीसरी लहर जनवरी से फरवरी के बीच आ सकती है। कॉलेज व समाज को डॉक्टरों की जरूरत है। ऐसे में एसोसिएशन उनके साथ है।