यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफ बीयू) के आह्वान पर बैंककर्मियों की दो दिनों की हड़ताल की वजह से जिले में करीब 600 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। हड़ताल के दूसरे दिन शनिवार को भी बैंकों में ताले लटके रहे। सभी संगठनों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों के लिए प्रदर्शन किया।
शनिवार को यूएफबीयू के बैनर तले विभिन्न बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी बैंक रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के परिसर में इकट्ठा हुए और सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। उसके बाद जब बैंककर्मी अपनी मांगों के समर्थन में रैली निकालने की कोशिश करने लगे तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। फिर वहां हुई सभा के दौरान इलाहाबाद बैंक इंप्लाइज यूनियन के सहायक महामंत्री आशुतोष सिंह ने कहा कि बैंकों की दो दिन की हड़ताल के बावजूद केंद्र सरकार पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है। ऐसे में मार्च में तीन दिन हड़ताल की जाएगी।
अगर उसके बाद भी सरकार उनकी मांग नहीं मानती है तो एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। वहीं यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस गोरखपुर इकाई के अध्यक्ष यूपीएन सिंह ने कहा कि बैंकों की दो दिनों की हड़ताल की वजह से करीब 600 करोड़ की क्लीयरिंग प्रभावित हुई। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
इस दौरान आनंद शेखर, एसपी त्रिपाठी, ओपी त्रिपाठी राहुल गुप्ता, श्याम बहादुर, रुचिका जिंदल, राजेश सिंह, विवेक त्रिपाठी, अंजनी श्रीवास्तव, संदीप चौबे, एमपी कश्यप, सुशीत पांडेय, राजकपूर, एए बर्नाड, वीपी गौड़, आरएस पाठक, पुनीत शंकर, अनिल मणि, वीपी श्रीवास्तव, एमजे श्रीवास्तव, अवधनाथ दुबे, मनोज त्रिपाठी ने आंदोलनरत बैंककर्मियों को संबोधित किया।