नारा लगाते हुए हमलावर आगे बढ़ा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सिपाही संभल पाते, इससे पहले ही हमलावर ने सिपाहियों के पैर व शरीर के दूसरों हिस्सों पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। सिपाही लहुलूहान होकर गिर पड़े। इसके बाद हमलावर गोरखनाथ मंदिर के मुख्य द्वार से अंदर जाने लगा। नारा लगाते हुए हमलावर आगे बढ़ा तो सिपाही अनुराग राजपूत और एलआईयू के अनिल सामने आ गए। हमलावर को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिल सकी। आरोपी ने इन दोनों को धारदार हथियार से मारने का प्रयास किया। हमलावर किसी भी तरह से मंदिर परिसर के भीतरी हिस्से में जाना चाहता था। मुख्य द्वार के पहले बैरियर तक पहुंच गया था, तभी सिपाही अनुराग राजपूत ने साहस दिखाया और आगे आकर हमलावर को धर दबोचा।
बैग से लैपटॉप, पैन ड्राइव व पैन कार्ड बरामद
एक डंडे से हमलावर के हाथ पर मारा और बांका गिरा दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोग एकत्रित हो गए और सभी ने आरोपी हमलावर को पीट दिया। इससे हमलावर को चोटें आईं हैं। हमलावर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना स्थल से ही एक बैग बरामद किया गया है। बैग से लैपटॉप, पैन ड्राइव व पैन कार्ड बरामद हुआ है।
बताया जा रहा है कि आरोपी के साथ कोई और व्यक्ति आया था। व्यक्ति के हाथ में ही बैग था, लेकिन हमलावर के घिरने के बाद वह बैग छोड़कर भाग निकला। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। सूचना मिलने पर डीआईजी जे. रविंद्र और एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने गोरखनाथ मंदिर जाकर घटना की जानकारी ली। साथ ही गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा बढ़ा दी है। डीआईजी ने हमलावर को दबोचने वाले सिपाही अनुराग राजपूत की पीठ भी थपथपाई है।
मंदिर परिसर में ही है मुख्यमंत्री आवास
गोरखनाथ मंदिर में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निजी आवास है। लिहाजा, सुरक्षा व्यवस्था सख्त रहती है। मंदिर परिसर के बाहरी व आंतरिक सुरक्षा में पुलिस, पीएसी लगी है। आला अफसर भी निगरानी करते हैं। इसके बावजूद मंदिर की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों को निशाना बनाया गया। घटना गोरखनाथ मंदिर के ठीक सामने हुई है। सुरक्षा के लिहाज से गोरखनाथ मंदिर संवेदनशील है।