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गोरखपुर: गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों पर हमला, पैर में गंभीर चोटें आईं, आरोपी गिरफ्तार 

Sun, 03 Apr 2022 08:30 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर

सार

गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों पर हमले की सूचना जैसे ही सार्वजनिक हुई, सनसनी फैल गई। लखनऊ से फोन घनघनाने लगे। अपर मुख्य सचिव गृह और डीजीपी ने पूरे घटना की जानकारी ली। साथ ही गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा सख्त करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी मिले हैं।
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गोरखनाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों (पीएसी के जवान) पर रविवार देर शाम धारदार हथियार से हमला बोल दिया गया। इससे सिपाहियों को गंभीर चोटें आईं हैं। घालयों को गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी किसी भी हाल में गोरखनाथ मंदिर परिसर में घुसना चाहता था, लेकिन एक सिपाही ने धर दबोचा। मंदिर के मुख्य द्वार के पास ही एक बैग मिला है। बैग से धारदार हथियार, पैन ड्राइव, लैपटॉप मिला है। एक पैन कार्ड भी मिला है, जिस पर अहमद मुर्तजा अब्बासी नाम लिखा है। फिलहाल, गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।

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घटना के दौरान गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नहीं थे। इस कारण पुलिस ने राहत की सांस ली है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। जिला अस्पताल में भर्ती आरोपी से पूछताछ भी की जा रही है। आरोपी खुद को गोरखपुर का निवासी बता रहा है, लेकिन पुलिस पता लगा रही है कि वह वास्तव में कहां का रहने वाला है? धारदार हथियार के साथ गोरखनाथ मंदिर आने का मकसद क्या था?

जानकारी के मुताबिक, गोरखनाथ थाने के ठीक सामने मंदिर का मुख्य द्वार है। सिपाही गोपाल गौड़ और अनिल पासवान सुरक्षा में तैनात थे। शाम सवा सात बजे के करीब सिपाहियों ने मंदिर परिसर में घुसने से पहले एक युवक को जांच के लिए रोका तो वह हमलावर हो गया। पहले सिपाहियों से हथियार छीनने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इस पर आरोपी ने धारदार हथियार (बांका) से हमला बोल दिया।
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नारा लगाते हुए हमलावर आगे बढ़ा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सिपाही संभल पाते, इससे पहले ही हमलावर ने सिपाहियों के पैर व शरीर के दूसरों हिस्सों पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। सिपाही लहुलूहान होकर गिर पड़े। इसके बाद हमलावर गोरखनाथ मंदिर के मुख्य द्वार से अंदर जाने लगा। नारा लगाते हुए हमलावर आगे बढ़ा तो सिपाही अनुराग राजपूत और एलआईयू के अनिल सामने आ गए। हमलावर को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिल सकी। आरोपी ने इन दोनों को धारदार हथियार से मारने का प्रयास किया। हमलावर किसी भी तरह से मंदिर परिसर के भीतरी हिस्से में जाना चाहता था। मुख्य द्वार के पहले बैरियर तक पहुंच गया था, तभी सिपाही अनुराग राजपूत ने साहस दिखाया और आगे आकर हमलावर को धर दबोचा।

बैग से लैपटॉप, पैन ड्राइव व पैन कार्ड बरामद
एक डंडे से हमलावर के हाथ पर मारा और बांका गिरा दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोग एकत्रित हो गए और सभी ने आरोपी हमलावर को पीट दिया। इससे हमलावर को चोटें आईं हैं। हमलावर को  जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना स्थल से ही एक बैग बरामद किया गया है। बैग से लैपटॉप, पैन ड्राइव व पैन कार्ड बरामद हुआ है।
 
बताया जा रहा है कि आरोपी के साथ कोई और व्यक्ति आया था। व्यक्ति के हाथ में ही बैग था, लेकिन हमलावर के घिरने के बाद वह बैग छोड़कर भाग निकला। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। सूचना मिलने पर डीआईजी जे. रविंद्र और एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने गोरखनाथ मंदिर जाकर घटना की जानकारी ली। साथ ही गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा बढ़ा दी है। डीआईजी ने हमलावर को दबोचने वाले सिपाही अनुराग राजपूत की पीठ भी थपथपाई है।   

 
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मंदिर परिसर में ही है मुख्यमंत्री आवास
गोरखनाथ मंदिर में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निजी आवास है। लिहाजा, सुरक्षा व्यवस्था सख्त रहती है। मंदिर परिसर के बाहरी व आंतरिक सुरक्षा में पुलिस, पीएसी लगी है। आला अफसर भी निगरानी करते हैं। इसके बावजूद मंदिर की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों को निशाना बनाया गया। घटना गोरखनाथ मंदिर के ठीक सामने हुई है। सुरक्षा के लिहाज से गोरखनाथ मंदिर संवेदनशील है। 
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