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Gorakhpur: टेंपो और ई-रिक्शा से झांसी भेजते थे करोड़ों रुपयों की मूंगफली, टीम ने पांच फर्मों पर मारा छापा

Mon, 08 Jan 2024 11:00 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर

सार

जीएसटी की एसआईबी टीम ने सोमवार दोपहर इस्माइलपुर स्थित जेठू जी डिस्ट्रीब्यूटर, मदनलाल अशोक कुमार और नवदुर्गा ट्रेडिंग कंपनी पर छापा मारा। दूसरी एक टीम ने साहबगंज की आदित्य ट्रेडिंग कंपनी, मानसरोवर एग्रो की फर्म पर छापा मारा है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की एसआईबी टीम ने शहर के इस्माइलपुर और साहबगंज की पांच फर्मों पर छापा मारा। करोड़ों रुपये के कर चोरी के अंदेशे में जीएसटी की टीम ने फर्मों के बिल, पत्रावलियां जब्त की हैं। जांच में पता चला कि इन फर्मों के द्वारा टेंपो और ई रिक्शा से 10 टन से भी अधिक मूंगफली का दाना दूसरे जिलों में भेजा जाता था। एसआईबी की तरफ से पिछले छह महीने से रेकी और ऑनलाइन खरीद-बिक्री का डाटा इकट्ठा करने के बाद छापा डाला गया।

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जीएसटी की एसआईबी टीम ने सोमवार दोपहर इस्माइलपुर स्थित जेठू जी डिस्ट्रीब्यूटर, मदनलाल अशोक कुमार और नवदुर्गा ट्रेडिंग कंपनी पर छापा मारा। दूसरी एक टीम ने साहबगंज की आदित्य ट्रेडिंग कंपनी, मानसरोवर एग्रो की फर्म पर छापा मारा। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इन फर्मों के द्वारा झांसी में मूंगफली का दाना भेजा जाता था। लंबे समय से ये व्यापार चलता था। लेकिन, पिछले एक वर्ष से फर्म के खाते में मनमाने तरीके से माल भेज रहे थे। जैसे, एक ट्रक मूंगफली का दाना (लगभग 10 टन) झांसी के लिए बुक करते थे, लेकिन उसे झांसी न भेज बरेली भेज देते थे। एक शिकायत पर गोपनीय तरीके से झांसी की एसआईबी टीम ने ट्रक नंबर की जांच टोल प्लाजा पर की तो मामले सामने आया।

जिस ट्रक से सामान को गोरखपुर से झांसी के लिए बुक किया था, उसे बरेली भेज रहे थे। ऐसे ही लगभग छह महीने तक जीएसटी झांसी की टीम ने रेकी की थी। अलग-अलग टोल पर जांच की। इसके बाद गोरखपुर जीएसटी की टीम को पत्राचार कर फर्म की तरफ से की जाने वाले धोखाधड़ी की जानकारी दी। इसी आधार पर सोमवार को जीएसटी की टीम ने इन फर्मों पर छापा मारा। मौके पर फर्म के स्वामी नहीं मिले।

छोटे व्यापारी की खरीद-बिक्री भी परखी जा रही
छोटे व्यापारियों की खरीद-बिक्री का मिलान भी कराया जाएगा। इन फर्मों से शहर के किन-किन छोटे दुकानदारों को सामान दिया जाता है, इसकी जांच और मिलान कराया जाएगा। जीएसटी को अंदेशा है कि जैसे फर्जी पते पर मूंगफली के दानों को भेजते हैं तो वैसे ही फर्जी तरीके और पते पर इसे मंगवाते भी होंगे। ऐसे में रिकॉर्ड के तौर पर खरीद-बिक्री के द्वारा छोटे दुकानदारों के साथ भी ये व्यापार चलता होगा।
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झांसी से मिले इनपुट के आधार पर शहर में इन प्रतिष्ठानों की जांच करवाई गई है। इनके खरीद-बिक्री के पर्चें से रिकॉर्ड जांचा जा रहा। इसी आधार पर कर चोरी की गणना की जा सकेगी। -विमल कुमार राय, जीएसटी कमिश्नर ग्रेड वन
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