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गोरखपुर: मॉक ड्रिल कर जांची गई एयरपोर्ट की सुरक्षा, बम की सूचना पर चार मिनट में खाली करा लिया गया यात्री टर्मिनल

Thu, 30 Dec 2021 09:16 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखपुर एयरपोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर एयरपोर्ट पर बृहस्पतिवार की शाम मॉक ड्रिल कर सुरक्षा जांची गई। दावा किया गया है सुरक्षा व्यवस्था सही मिली और संबंधित सुरक्षाकर्मियों व अन्य टीमों ने समय पर अपने-अपने दायित्वों का कुशलता पूर्वक निर्वहन किया। सूचना जारी होते ही एयरपोर्ट प्रशासन ने टर्मिनल के अंदर मौजूद सभी यात्रियों को टर्मिनल से बाहर निकाला।

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स्थानीय एयरपोर्ट स्तर पर गठित बम थ्रेट कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचे। छानबीन के दौरान एक एसी के पास से बम जैसी वस्तु मिली। बम निरोधक दस्ते के सदस्यों ने इसके डिस्पोजल की कार्रवाई शुरू की। बम की सूचना से लेकर उसे तलाशने और निष्क्रिय करने की कार्रवाई 67 मिनट में पूरी की गयी।

एयरपोर्ट प्रशासन को 4 बजकर 33 मिनट पर एयरपोर्ट के टर्मिनल में बम रखे होने की सूचना मिली। तत्काल इसकी सूचना बम थ्रेट रिव्यू कमेटी के सदस्यों को दी गई। महज चार मिनट के अंदर सूचना की कार्रवाई पूरी करने के साथ ही सफलता पूर्वक टर्मिनल में मौजूद यात्रियों व कर्मचारियों को बाहर निकाला गया।
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मेडिकल टीम, एयरपोर्ट सिक्योरिटी टीम, फायरसर्विस की टीम मौके पर पहुंची। बीडीडीएस की टीम भी मोहद्दीपुर में जाम के बावजूद शाम 5 बजकर 20 मिनट पर पहुंच गयी। इसके बाद बम तलाशने और निष्क्रिय करने की कार्रवाई की गई। हालांकि बीडीडीएस टीम के पहुंचने से पहले ही एयरपोर्ट सुरक्षा एपीएसयू में तैनात सिपाही संजय यादव ने संदिग्ध वस्तु को खोज निकाला था जिसे बाद में रमेश चंद्र चौधरी की अगुवाई में पहुंची बीडीडीएस टीम ने भी सर्च के दौरान भी खोजा।

एयरपोर्ट डायरेक्टर प्रभाकर बाजपेई ने कहा कि एयरपोर्ट को बम आदि के खतरे से बचाने के लिए नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो द्वारा एक बम थ्रेट कन्टिंजेंसी प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत देश के सभी एयरपोर्ट पर बम थ्रेट रिव्यू कमेटी गठित की गयी है जिसमें एसपी सिटी, एडीएम सिटी, फायर ब्रिगेड, चिकित्सा सेवाओं, बम डिस्पोजल यूनिट, एपीएसयू आदि संबंधित विभागों के अफसरों को शामिल किया गया है। सभी को अलर्ट मोड में रखा गया है। ऐसी किसी भी सूचना पर टीम के अफसर अपने मातहतों के साथ पहुंचकर बम के डिटेक्शन और डिस्पोजल की कार्रवाई करते हैं। सालभर में एक बार सुरक्षा जांच के लिए मॉक ड्रिल किया जाता है और संबंधित मेंबर्स की सक्रियता की जांच की जाती है।
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