बताया जा रहा है कि छात्रा का चार दिन तक मानसिक रोग विभाग में इलाज भी हुआ है। पीड़िता ने ई-मेल कर एम्स प्रशासन को उत्पीड़न की जानकारी दी है। उधर, मामले की जांच कर रही विशाखा कमेटी की रिपोर्ट शुक्रवार तक आने की उम्मीद है। इसके बाद कार्रवाई होगी। वहीं, आरोपी अफसर भी कई दिन से दफ्तर नहीं आ रहे हैं।
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एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल ने बताया कि शिकायती ई-मेल मिला है। यह गंभीर व संवेदनशील मामला है। आरोपों की सत्यता परखी जा रही है। छात्रा से बात की गई है। उसे परिजनों के साथ रखा गया है। उनकी सुरक्षा में एम्स के कर्मचारी तैनात हैं। अगर घटना सही पाई गई तो दोषी अफसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वह स्वयं गर्ल्स हाॅस्टल गए थे। सभी छात्राओं से कहा है कि अगर कहीं कुछ गलत हो रहा है तो तत्काल अपनी समस्या बताएं।