मीडिया प्रभारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि एनेस्थीसिया, दंत रोग, नाक कान गला रोग, चेस्ट, रेडियोथेरेपी व ट्रामा एंड इमरजेंसी में तीन-तीन सीनियर डॉक्टर चयनित हुए हैं। एनाॅटामी, एंडोक्राइनोलाॅजी, फोरेंसिक मेडिसिन, नेफ्रोलाजी, बाल रोग सर्जरी, फिजियोलॉजी व रेडियोलॉजी में एक-एक एसआर की नियुक्ति हुई है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जल्द ही डॉक्टरों की कमी खत्म हो जाएगी। संस्थान में 74 सीनियर रेजीडेंट (एसआर) की नियुक्ति हो गई है। इसके अलावा अभी 32 डॉक्टरों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। एक सप्ताह में इन्हें ज्वाइन करना है।
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मीडिया प्रभारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि एनेस्थीसिया, दंत रोग, नाक कान गला रोग, चेस्ट, रेडियोथेरेपी व ट्रामा एंड इमरजेंसी में तीन-तीन सीनियर डॉक्टर चयनित हुए हैं। एनाॅटामी, एंडोक्राइनोलाॅजी, फोरेंसिक मेडिसिन, नेफ्रोलाजी, बाल रोग सर्जरी, फिजियोलॉजी व रेडियोलॉजी में एक-एक एसआर की नियुक्ति हुई है।
सामुदायिक चिकित्सा, जनरल मेडिसिन, नेत्र रोग, ऑर्थो विभाग को चार-चार एसआर मिले हैं। चर्म रोग, माइक्रोबायोलाॅजी, मानसिक रोग विभाग में दो-दो एसआर की तैनाती हुई है। जनरल सर्जरी में आठ, बाल रोग व पैथोलाॅजी में सात-सात एसआर तैनात किए गए हैं।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग को पांच एसआर मिले हैं। इन चयनित डॉक्टरों के ज्वाइन नहीं करने पर प्रतीक्षा सूची में से वरिष्ठता के आधार पर डॉक्टरों को मौका मिलेगा। डॉक्टरों के ज्वाइन करने के बाद एम्स में चिकित्सा सुविधा बेहतर हो जाएगी।