एडीजी अखिल कुमार ने बताया कि जोन के पांच जिले नेपाल सीमा व तीन जिले बिहार की सीमा से जुड़े हैं। ऐसे में सीमावर्ती इलाकों में अपराधियों के साथ ही देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के प्रवेश की आशंका हमेशा बनी रहती है। ऐसे में अपराध व अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए किरायेदारों का सत्यापन कराना बेहद ही जरूरी है। सत्यापन के लिए पुलिस को अपराधियों की पूरी जानकारी तो मिल ही जाती, साथ ही उनके छिपकर रहने की संभावनाएं पूरी तरह खत्म हो जाती है। क्योंकि पुलिस वैरिफिकेशन से अपराधियों में भय होने लगता है। हालांकि यह भी देखा गया है कि किरायेदारों का सत्यापन कराने के लिए मकान मालिक की ओर से कोई खास रूचि नहीं ली जाती है। ऐसे में इन संदिग्ध अपराधियों को छिपकर रहने में सहूलियत मिल जाती।
संतकरीबनगर में पकड़ा गया था रोहिंग्या, गोरखपुर से बना था पासपोर्ट
यूपी एटीएस ने इसी साल छह जनवरी को संतकबीरनगर जिले के समर्थन गांव में बसे रोहिंग्या अजीजुल्लाह को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 28 फरवरी को अलीगढ़ के कमेला रोड पर रह रहे मोहम्मद फारुख और हसन को पकड़ा गया था। फारुख के भाई शाहिद को 1 मार्च को उन्नाव से दबोचा गया। शाहिद के बहनोई जुबेर के बारे में भी एटीएस को जानकारी मिली है, लेकिन वह अभी हाथ नहीं लग सका है। इतना ही नहीं, इस मामले में एटीएस की पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ था कि रोहिंग्या अजीजुल्लाह का पासपोर्ट गोरखपुर से बना था। इस मामले में एटीएस ने यहां पासपोर्ट दफ्तर के कई दलालों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।
दिल्ली में पकड़े गए आतंकी का यूपी से है ताल्लुक
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में गिरफ्तार आतंकी का यूपी से ताल्लुक है। आशंका है कि उसका बिहार से भी संपर्क हो। हाल के वर्षों में चार बड़े आतंकी विभिन्न राज्यों से लगी नेपाल सीमा से पकड़े गए। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि आतंकी घुसपैठ का सबसे आसान रास्ता भारत-नेपाल सीमा है। आतंकवाद को संरक्षण देने वाले पाकिस्तान के लिए भारत-नेपाल सीमा सबसे मुफीद साबित हो रही है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, नेपाल में पाकिस्तान एंबेसी आतंकियों के छिपने और रहने का प्रबंध करती है। भारत व नेपाल के बीच उपजे ताजा सीमा विवाद व तनाव के कारण नेपाल में ये गतिविधियां बढ़ गईं हैं।
सोनौली सीमा से पकड़े गए प्रमुख आतंकी
- 1991 मे खालिस्तान एरिया फोर्स का डिप्टी कमांडर सुखबीर सिंह।
- 1991 में ही नेपाल की बढ़नी सीमा पर खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट के भागा सिंह और अजमेर सिंह की गिरफ्तारी हुई थी।
- 1993 में आतंकी टाइगर मेमन।
- 1995 में आईएसआई एजेंट यासिया बेगम।
- 2000 में आसिम अली और चार आतंकी।
- 2002 में परसामलिक थाने के पास कारतूसों का जखीरा पकड़ा गया था जो कि बिहार के एमसीसी उग्रवादियों ने नेपाल के माओवादियों के लिए भेजा था।
- 2007 में लश्कर के आतंकी सादात रशीद मसूद आलम की गिरफ्तारी।
- 2009 में मुंबई के आतंकी नूरबक्श और इश्तियाक उर्फ शैतान की गिरफ्तारी।
- 2013 में आतंकी लियाकत अली शाह की गिरफ्तारी।
- 2013 में आतंकी हमलों में 140 लोगों की हत्या के आरोपी और मोस्ट वॉन्टेड आंतकवादी यासीन भटकल की गिरफ्तारी।
- अब्दुल करीम टुंडा को भी उत्तराखंड में नेपाल की खुली सीमा पर ही गिरफ्तार किया गया था।