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शिवधनी हत्याकांड: परिजन बोले- जब बुलडोडर चलेगा... अर्थी तभी उठेगी, जानिए किसके फोन पर मान गए परिजन

Thu, 05 Dec 2024 12:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

शिवधनी के परिजन ने आठ मांग की थी। इसमें मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, परिवार को सुरक्षा के लिहाज से असलहे का लाइसेंस, परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा, सरकारी आवास, दोषियों के घर बुलडोजर चलाना आदि शामिल था। साथ ही मृतक की बेटी के शादी का पूरा खर्च उपलब्ध कराने और थाना गीडा प्रभारी को नौकरी से बर्खास्त करने की भी मांग की।
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पुलिस अधिकारियों से बातचीत करते नेता और परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गीडा क्षेत्र के अमटौरा गांव में शिवधनी निषाद (55) के अंतिम संस्कार को लेकर तीन घंटे तक पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। भोर में चार बजे ही पोस्टमार्टम के बाद शव घर पर आ गया। सुबह आठ बजे तक अंतिम संस्कार की सारी तैयारी भी पूरी कर ली गई।
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अचानक 10 बजे नेताओं के पहुंचने पर माहौल गरम हो गया। मृतक के परिजन आरोपियों के घर बुलडोजर चलाने की मांग करने लगे। इसके बाद दाह संस्कार करने की बात पर अड़ गए।

पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी ने परिजनों की आठ सूत्री मांग को पूरा करने का आश्वासन देकर किसी तरह समझाकर दाह संस्कार के लिए तैयार किया। दोपहर करीब सवा एक बजे परिजन शव लेकर निकले। बगहा बाबा कालेसर स्थित मुक्ति धाम में बड़े बेटे विकास ने दाह संस्कार किया।
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अमटौरा गांव में शिवधनी के घर पर बुधवार सुबह ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं का जमावड़ा लगने लगा। इसके बाद माहौल भी गरम होने लगा। बवाल की आशंका को देखते हुए सहजनवां एसडीएम, एसपी उत्तरी, सीओ गीडा, सीओ चौरी चौरा, गीडा, सहजनवां, हरपुर-बुदहट थाने के पुलिस के साथ ही पीएससी तैनात थी। इस घटना को लेकर खुफिया विभाग भी अलर्ट है। खुफिया विभाग भी इसकी जांच पड़ताल कर रहा है।

मृतक का घर - फोटो : अमर उजाला
सीओ और एसपी ने की बात तब शांत हुए पूर्व विधायक
शिवधनी के घर पूर्व विधायक व पूर्व राज्यसभा सांसद जय प्रकाश निषाद दोपहर करीब 12 बजे पहुंचे। तब अंतिम संस्कार के लिए परिजन को पुलिस समझाकर तैयार कर रही थी। तभी विधायक ने बोला कि पहले पीड़ित परिवार की मांगे पूरी की जाएं, तब शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

इस दौरान गीडा थाने के इंस्पेक्टर ने कुछ समझाना चाहा तो पूर्व विधायक ने तेज आवाज में उन्हें फटकार लगाई। पूर्व विधायक बोले कि जनप्रतिनिधि से बात करने का तरीका पता नहीं है क्या? इसके बाद एसपी उत्तरी और सीओ चौरीचौरी ने पूर्व विधायक से बात की, तब वह शांत हुए।

डीएम ने मांग पूरा करने का दिया आश्वासन
शिवधनी के परिजन ने आठ मांग की थी। इसमें मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, परिवार को सुरक्षा के लिहाज से असलहे का लाइसेंस, परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा, सरकारी आवास, दोषियों के घर बुलडोजर चलाना आदि शामिल था।

रोत-बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
साथ ही मृतक की बेटी के शादी का पूरा खर्च उपलब्ध कराने और थाना गीडा प्रभारी को नौकरी से बर्खास्त करने की भी मांग की। मांग पर परिजन अड़े हुए थे। इस दौरान डीएम ने मोबाइल पर परिजनों से बात की और उनकी आठ सूत्री मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया।

आरोपी के घर पर पीएससी तैनात
अमटौरा गांव में क्षत्रिय और निषाद की आधी-आधी आबादी है। हत्या के बाद बवाल की आशंका को देखते हुए आरोपी के घर पर भी पीएससी तैनात कर दी गई है। हालांकि बुधवार को आरोपी के घर पर कोई मौजूद नहीं था।

अगल-बगल हैं दोनों के घर
शिवधनी के घर के ठीक बगल में ही आरोपी शशि शंकर सिंह उर्फ पिकलू का भी घर है। दोनों के घर के बीच में एक संकरी सड़क है। ग्रामीणों ने बताया कि काफी पहले शिवधनी ने अपना एक खेत आरोपी के पटीदार को गिरवी रखकर रुपये लिए थे। कुछ दिन पहले शिवधनी ने सारे रुपये देकर खेत छुड़ा लिया।

मौके पर जुटी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद से ही आरोपी की आंख में शिवधनी गड़ने लगा था। तीन साल पहले भी शिवधनी पर पिकलू ने हमला किया था। मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने पिकलू को पकड़ा था। तब गांव के एक पुरोहित ने समझौता कराकर पिकलू को छुड़ाया था।

मारने के बाद आरोपी ने बदले थे कपड़े
ग्रामीणों ने बताया कि जब पिकलू बंदूक लेकर हमला करने आया था, तब उसने काली रंग की शर्ट पहनी थी। शिवधनी को गोली मारने के बाद वह घर के अंदर गया और पीली जैकेट पहनकर बाइक पर बंदूक टांगकर शिवधनी के घर के सामने से निकला था।

डर व दहशत से घर में दुबके रहे बच्चे
अमटौरा गांव में बुधवार को शिवधनी के घर के बाहर भीड़ लगी हुई थी। महिलाएं घर की छतों से टकटकी लगाकर देख रही थीं। वहीं शिवधनी के घर के डरे सहमे बच्चे एक कमरे में कैद होकर खिड़की के रास्ते सारा घटनाक्रम देख रहे थे।
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परिजनों को समझाती पुलिस,मौके पर जुटी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने बताया कि शिवधनी को अगले साल मई में अपनी बेटी की शादी करनी थी, इसके लिए वह धीर-धीरे सामान की खरीदारी कर रहा था। काफी सामान छप्पर में लगी आग में जल गया।

आखिरी बार पति को नहीं देख पाई हेमलता
शिवधनी की पत्नी हेमलता के हाथ में गोली के छर्रे लगे हैं। घायल अवस्था में उनका मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। बुधवार को उन्हें जब पता चला कि पति का दाह संस्कार उनकी गैर मौजूदगी में हो गया, तब वह खूब रोई। बार-बार यही कह रही थीं कि आखिरी बार वह अपने पति को देख नहीं पाई।

मृतक के घर पहुंचे सपा नेता
शिवधनी निषाद के घर सुबह समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पहुंचा और मृतक के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। आठ सूत्री मांगों को पूरा कराने के लिए उच्च अधिकारियों से मिलकर पूरा कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल में प्रमुख रूप से यशपाल रावत, नगीना प्रसाद साहनी, रामनाथ यादव, दयाशंकर निषाद, अमरेंद्र निषाद, देवेंद्र भूषण निषाद, गिरीश यादव समेत अन्य लोग पहुंचे थे।
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