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खुशखबर: अफगानिस्तान में फंसे गोरखपुर के दोनों युवकों समेत 19 कामगार लौटे, परिवार में खुशी का माहौल

Mon, 23 Aug 2021 12:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

आज उनके घर पहुंचने की उम्मीद है। तालिबान की सत्ता लौटते ही कंपनी मालिक ने भारतीय कामगारों के बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी थी।
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अफगानिस्तान में फंसे 19 मजदूर लौटे। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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अफगानिस्तान में सत्ता पर तालिबान का कब्जा हो जाने के बाद काबुल के पास स्टील फैक्टरी में फंसे गोरखपुर के दो युवक रविवार को वतन वापस आ गए हैं। दोनों दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे हैं। आज उनके घर पहुंचने की उम्मीद है। स्टील फैक्टरी में 28 भारतीय मजदूर फंसे थे। इसमें से 19 वापस आए हैं। नौ वापसी के इंतजार में हैं। स्वदेश वापसी की खबर से सभी प्रफुल्लित हैं।
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काबुल में तालिबान ने युवाओं की बस को रोक लिया था। दो घंटे तक एक-एक सामान की जांच भी की थी। बंदूकधारी तालिबान लड़ाकों के बीच दो घंटे गुजारते वक्त सांसें थमी थीं। फ्लाइट से उड़कर दिल्ली आए तब जाकर बचने का एहसास हुआ है। दरअसल, अफगानिस्तान के काबुल शहर के पास स्थित खान स्टील फैक्टरी में गोरखपुर के बड़हलगंज क्षेत्र के भैसहट गांव निवासी रंजीत मौर्या और झंगहा थाना क्षेत्र के नई बाजार निवासी शैलेंद्र शुक्ला समेत 28 लोग काम करते थे।

अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता लौटते ही कंपनी मालिक ने भारतीय कामगारों के बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी। सभी को उनके कमरों में बंद कर दिया गया। परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो जिला प्रशासन के जरिये सरकार से मदद की गुहार लगाई गई। अपने वतन वापसी के प्रयास में जुटे कामगारों ने कंपनी के मालिक से वार्ता की तो वह इन लोगों को काबुल एयरपोर्ट तक भेजने को तैयार हो गया।
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कई ग्रुपों में बांटकर निकाल रहे बाहर

रंजीत ने मोबाइल फोन पर बताया कि शनिवार को दिन में ये लोग अपनी कंपनी से एक बस में बैठकर काबुल एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए लेकिन आठ किलोमीटर लंबे इस रास्ते के बीच में ही उनकी बस को तालिबानी लड़कों ने घेर लिया। करीब दो घंटे तक अपनी निगरानी में रखने के बाद तालिबानियों ने इन्हें छोड़ा। एयरपोर्ट पहुंचे तो वहां मेन गेट बंद होने के चलते इंट्री नहीं हो पाई। रात में नौ बजे किसी अन्य दरवाजे से अंदर पहुंचे। रविवार की भोर में चार बजे भारतीय वायुसेना के दो जहाजों से इन मजदूरों को अन्य भारतीयों के साथ वापस लाया गया।

रंजीत ने बताया कि एयरपोर्ट पर लोगों को कई ग्रुपों में बांटा जा रहा है। जिन 19 कामगारों को वापस लाया गया उन्हें भी दो ग्रुपों में बांटा गया था। ग्रुप बी में सात लोग थे जो पहली जहाज में बैठाए गए थे। इसके अलावा ग्रुप जेड में 12 लोग थे जो दूसरी जहाज में थे। भारतीय समयानुसार रविवार की भोर में करीब साढ़े चार बजे भारतीय वायुसेना के दोनों जहाजों ने कुछ ही मिनट के अंतराल पर काबुल एयरपोर्ट से उड़ान भरी और लगभग पांच घंटे की यात्रा कर सुबह साढ़े नौ बजे गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पर उतारा गया। अपने देश की धरती पर वापस आते ही सभी की जान में जान लौटी।
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