डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) गोरखपुर की टीम ने अप्रैल 2022 में सहजनवां इलाके में ट्रक से नई दिल्ली ले जाई जा रही करीब सवा करोड़ रुपये की विदेशी सिगरेट पकड़ी थी। यहीं की टीम ने 15 अक्तूबर 2021 को गोरखपुर-लखनऊ के बीच ट्रक में बासं के बीच छिपाकर गुवाहाटी से गुड़गांव ले जाई जा रही 90 लाख रुपये कीमत की म्यामार और इंडोनेशिया की सिगरेट पकड़ी थी। इसी तरह 2019 में कस्टम विभाग ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन से छह बोरी कोरिया में बनी सिगरेट पकड़ी थी जिसकी कीमत 52.50 लाख रुपये थी।
बार में 60 बताकर 50 एमएल दे रहे थे शराब
बार में परोसी जाने वाली शराब के पेग मापक में गड़बड़ी की शिकायत पर बाट माप विभाग ने दो महीने पहले जांच की थी। होटल बॉबीना परिसर स्थित जैज बार में 30/60 एमएल के साथ 25/50 एमएल का पेग मापक मिला। ग्राहक बनकर टीम ने जब 60 एमएल शराब मांगी तो उन्हें 50 एमएल वाले मापक से शराब दी गई। टीम ने दोनों पेग मापक की जांच की तो उनपर विभाग की स्टैंपिंग भी नहीं मिली।
इसपर विभाग ने बार के प्रोपराइटर नवीन अग्रवाल को नोटिस भेजकर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, पेग मापक के ऊपरी हिस्से में ही स्टांपिंग की जाती है ताकि कोई चोरी नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति शराब परोसे जाने से पहले इस स्टांपिंग की जांच कर सकता है। और नहीं पाए जाने पर विभाग में शिकायत भी कर सकता है।
तय कीमत से अधिक रुपये वसूलने पर बाट-माप विभाग ने एडी मॉल स्थित स्पेंसर रिटेल लिमिटेड कंपनी पर कार्रवाई की है। विभाग ने कंपनी के साथ ही इसके सात निदेशकों पर भी 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। शिकायत पर विभाग की टीम ने ग्राहक बनकर स्पेंसर से मोर ब्रांड के डिटरजेंट का चार किलोग्राम वाला पैकेट खरीदा।
पैकेट पर डिटरजेंट की कीमत 379 रुपये दर्ज थी जबकि बिल में कीमत 475 रुपये थी। पूछताछ पर कर्मचारी सकपका गए। टीम ने कंपनी के अलावा, उसके निदेशकों के नाम से नोटिस भेजने के साथ ही 10 हजार रुपये यानी 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। विभाग का कहना है कि 12 सितंबर तक जुर्माने की राशि नहीं जमा की गई तो सिविल कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बाट माप विभाग के जिला प्रभारी अजय कुमार कुशवाहा ने कहा कि गोलघर की तीन दुकानों पर अवैध विदेशी सिगरेट की बिक्री होती पाई गई। पूछताछ के दौरान दुकानदार जरूरी कागजात नहीं उपलब्ध करा सके। तीनों दुकानदारों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना राशि नहीं जमा करने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। मानक से कम शराब परोसने पर जैज बार के प्रोपराइटर पर भी जुर्माना लगाया गया है। सिगरेट और बार में जांच का अभियान जारी रहेगा।