प्रदेश से हज यात्रा पर जाने वालों को इस बार एक लाख रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे। रियाल के रेट तय होने के बाद लखनऊ से सऊदी अरब के लिए उड़ान भरने वाले हज यात्रियों को 3 लाख 90 हजार 350 रुपये खर्च करने होंगे। साल 2019 में प्रदेश से हज यात्रा पर जाने वालों को 2 लाख 90 हजार 850 रुपये खर्च करने पड़े थे।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि जिन हज यात्रियों ने 2,01,000 रुपया जमा कर दिया है, वह शेष धनराशि 31 मई तक हज कमेटी ऑफ इंडिया मुंबई के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में संचालित खाता संख्या 38415930637 व यूनियन बैंक आफ इंडिया के खाता संख्या 318702010406009 में या ऑनलाइन वेबसाइट
www.hajcommettee.gov.in या
www.hajcommittee.com पर जमा कर सकते हैं।
वेबसाइट पर प्रिंटेड चालान भी जनरेट हो जाएगा। इंबारकेशन स्थल दिल्ली के लिए कुल धनराशि 3,88,800 रुपये और लखनऊ के लिए कुल धनराशि 3,90,350 रुपये निर्धारित है। हज कमेटी के अनुसार, इंडियन डेवलपमेंट बैंक के कुर्बानी कूपन का विकल्प चुनने वाले यात्रियों को 16,747 रुपये अलग से जमा करने होंगे।
शिया हज यात्री, जिन्होंने जोहफा कैटेगरी चुनी है, उन्हें 3,209 रुपये अलग से जमा करने होंगे। बताया कि धनराशि जमा करने की अंतिम तिथि 31 मई है, इसे बढ़ाया नहीं जाएगा। बता दें कि इस बार जिले से करीब 144 हज यात्री लखनऊ एयरपोर्ट से हज के लिए उड़ान भरेंगे। हज यात्रा 2022 के लिए फ्लाइट शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। हज यात्रियों की हज के पाक सफर पर रवानगी छह जून से होगी। आखिरी उड़ान 17 जून को भरी जाएगी। हज यात्रियों की वापसी 15 जुलाई से शुरू होगी। वापसी की आखिरी उड़ान 28 जुलाई को होगी।
थ्रीडी एनिमेटेड वीडियों से दी गई हज की ट्रेनिंग
मियां साहब इमामबाड़ा परिसर मियां बाजार में रविवार को तहरीक दावते इस्लामी हिंद की ओर से हज ट्रेनिंग के दूसरे चरण का आयोजन हुआ। इस दौरान थ्रीडी एनिमेटेड वीडियो के माध्यम से हज का प्रैक्टिकल तरीका व मुकद्दस मकामात को दिखाकर हज यात्रियों को ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान ट्रेनर हाजी मोहम्मद आजम अत्तारी ने एहराम पहनना, मक्का व मदीना शरीफ में इबादत, जियारत व ठहरने का तरीका, हज के फराइज, हज के पांच अहम दिन व हज का अमली तरीका बताया गया। हज यात्रियों ने हज के अरकान की बारीकियां सीखीं।
हज यात्रियों को घर से रवाना होने से लेकर लौटकर आने तक के मसलों और आने वाली समस्याओं और उनके हल के बारे में जानकारी दी गई। महिलाओं के मसलों पर चर्चा हुई। ट्रेनिंग का आगाज कुरआन-ए-पाक की तिलावत से मौलाना रजाउल मुस्तफा मदनी ने किया। आदिल अत्तारी ने नात-ए-पाक पेश की। अंत में दरूदो सलाम पढ़कर अमनो सलामती की दुआ मांगी गई। ट्रेनिंग में मुख्तार अहमद कुरैशी, जुबैदा खातून, वसीउल्लाह अत्तारी, शहजाद अत्तारी, मो. फरहान अत्तारी, कारी रियाजुद्दीन, नेहाल अहमद, शम्स तबरेज अत्तारी, मो. मोहसिन अत्तारी आदि ने भाग लिया।