इस सीवर लाइन और ट्रीटमेंट प्लांट बनने से अगले 30 वर्षों तक गोड़धोइया नाले के इंटरसेप्शन, डायवर्जन एवं ट्रीटमेंट कार्य होने से रामगढ़ताल के पानी की गुणवत्ता में उत्तरोत्तर सुधार होगा। रामगढ़ताल में जाने वाले अधिकांश सिल्ट व स्लज की मात्रा में कमी होने से जल धारण की क्षमता लंबे अवधि तक प्रभावित नहीं होगी। दूसरी तरफ गोड़धोइया नाले के अतिक्रमण मुक्त होने से बारिश के दिनों में पानी के कैचमेंट के विभिन्न मोहल्लों में जलभराव की समस्या से भी निदान मिलेगी।
नाले के दोनों तरफ रोड व लैंडस्केपिंग बनेंगे आकर्षण
गोड़धोइया नाला एसटीपी के लिए 19.364 किलोमीटर इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन, 38 एमएलडी क्षमता का एसटीपी, 61 एमएलडी क्षमता का मेन पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके बनने के बाद गोड़धोइया नाले के दोनों तरफ सुंदरीकरण कार्य के क्रम में सीसी सड़क, लैंडस्केपिंग, 22 छोटे पुल-पुलिया के अलावा पास के क्षेत्र के लोगों को घूमने, टहलने के लिए भी कई निर्माण कार्य होंगे।
जलनिगम अधिशासी अभियंता रतनसेन सिंह ने कहा कि गोड़धोइया नाले के सुंदरीकरण के लिए शासन से फंड जारी हो चुका है। जल्द इसकी शुरुआत कर दी जाएगी। नाले के दोनों ओर फेंसिंग भी बनाई जाएगी। ताकि लोग नाले में कूड़ा-कचरा न फेंक सकें। 2024 तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।