रविवार को परिजनों ने तहरीर दी जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुट गई थी कि मंगलवार को गांव वालों के साथ ग्रामीण स्कूल पर पहुंच गए। पूछताछ के दौरान ही भीड़ में शामिल महिलाओं ने प्रधानाध्यापक की पिटाई कर दी थी। सूचना पर आई पुलिस आरोपी बनाए गए प्रधानाध्यापक को साथ लेकर गई।
पुलिस ने मंगलवार की देर शाम छात्रा का बयान दर्ज किया तो वह पलट गई थी, लेकिन पुलिस ने पिता की तहरीर के आधार पर तत्काल केस दर्ज कर लिया था। बुधवार को पुलिस ने छात्रा को कोर्ट में 164 के बयान के लिए पेश किया।
कोर्ट में छात्रा ने कहा कि वह सातवीं में पढ़ती है। प्रधानाध्यापक ने उससे कुछ सवाल पूछे थे, वह जवाब नहीं दे पाई तो गुस्से में उन्होंने थप्पड़ मार दिया था। इस बात से आहत होकर उसने छेड़खानी की गलत सूचना दे दी थी। उसी बयान के आधार पर पुलिस ने प्रधानाध्यापक को छोड़ दिया और केस को खत्म करने की तैयारी में है।
छात्रा गांव वालों के साथ पहुंचकर मंगलवार को प्रधानाध्यापक पर छेड़खानी का आरोप लगाई थी। इस दौरान स्कूल पर जमकर हंगामा मचाया गया और प्रधानाध्यापक की पिटाई भी कर दी गई थी। पुलिस केस दर्ज कर प्रधानाध्यापक को हिरासत में ले ली थी, लेकिन बयान में मुकर जाने की वजह से पुलिस ने उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई नहीं की थी। बुधवार को बयान के आधार पर केस को खत्म करने की तैयारी की जा रही है।
सरकारी विद्यालय में छेड़खानी के आरोपों से घिरे प्रधानाध्यापक धर्मवीर यादव को निलंबित कर दिया गया है। बीएसए ने आरोप के आधार पर जांच कमेटी गठित कर दी थी और छात्रा के बयान को आधार बनाकर रिपोर्ट तैयार की। बीएसए रमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। संवाद
कोर्ट में बुधवार को छात्रा का बयान दर्ज कराया गया है। वह छेड़खानी के आरोप से मुकर गई है। छात्रा का कहना है कि प्रधानाध्यापक ने उसे थप्पड़ मार दिया था, इस वजह से आरोप लगाई थी। शिक्षक को छोड़ दिया गया है। अगर वह तहरीर देंगे तो मारपीट करने वालों पर केस दर्ज किया जाएगा। - मनोज अवस्थी, एसपी नार्थ