उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां भगवान का दूसरा रूप डॉक्टर को कहना बिलकुल भी गलत नहीं होगा। इस बात को जिला चिकित्सालय के चिकित्सक ने चरितार्थ किया। कीटनाशक पीने से मृतप्राय हुई तीन वर्ष की बालिका को चिकित्सक प्रयास से जिंदगी मिली। डॉक्टरों के इस प्रयास की काफी सराहना की जा रही है।
संतकबीरनगर जिले के धर्मसिंहवा गांव निवासी एक व्यक्ति की तीन वर्षीय बेटी ने शुक्रवार को दवा समझकर कीटनाशक पी लिया। बच्ची की हालत खराब हो गई। परिजन आनन-फानन उसे दोपहर एक बजे जिला चिकित्सालय ले आए।
इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात बालरोग विशेषज्ञ डॉ. संजय चौधरी ने बच्ची के नब्ज देखी लेकिन धड़कन नहीं मिली। बालिका की आंख की पुतलियों में रोशनी डालने पर प्रतिक्रिया हुई तो फौरन पीआईसीयू ले गए। गहन चिकित्सा और लगातार प्रयास का असर रहा कि रात करीब बारह बजे बच्ची की नब्ज कुछ तेज हुई।
डॉ. संजय चौधरी ने बताया कि जहर का असर कम करने के लिए संबंधित दवा की उपलब्धता नहीं होने के कारण उसे शनिवार को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है, जहां उसे पहले से आराम है। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मचारी शैलजा शुक्ला, अंबालिका मिश्रा और पंकज कुमार ने भी काफी मेहनत की।