गोरखपुर जिले के कैंट इलाके के दाउदपुर उत्तरी में सोमवार को एक मकान के पीछे झाड़ी में मिली युवती की मौत सिर में चोट लगने से हुई थी। जिस मकान में युवती किराये पर रहती थी, उसी के पीछे शव मिलने की वजह से पुलिस खुदकुशी मान रही है। लेकिन, चेहरे-सिर के अलावा शरीर के किसी अन्य हिस्से में चोट के निशान न होने की वजह से मौत का रहस्य उलझ गया है।
आमतौर पर ऊंचाई से गिरने पर हाथ-पैर की हड्डी टूट ही जाती है। उधर, पिता ने हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस हर पहलु पर जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, बस्ती के कोतवाली इलाके के गांधी नगर निवासी हेमंत चौधरी की बेटी अभिलाषा चौधरी प्राइवेट कंपनी में अकाउंटेंट थी। साथ ही वह विधि की पढ़ाई भी कर रही थी। दाउदपुर उत्तरी निवासी नवेंद्र शेखर के मकान के चौथी मंजिल पर अकेले किराये पर कमरा लेकर रहती थी। सोमवार को वहां पर कूड़ा फेंकने गए एक शख्स ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी थी।
कमरा ऊपर होने और उसका रास्ता बाहर से होने की वजह से किसी ने उसे आते जाते नहीं देखा। मौत की वजह जानने के लिए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। मंगलवार को पोस्टमार्टम में पुष्टि हुई कि उसकी मौत सिर में चोट लगने से हुई थी। इंस्पेक्टर कैंट शशिभूषण राय का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। अब तक की जांच में खुदकुशी की ही पुष्टि हो रही है।