बस्ती जिले के हर्रैया कस्बे के मोतीनगर वार्ड में हाइवे से सटे एक खंडहर में तब्दील हो चुके मकान के पीछे कुएं से 10 माह पहले बरामद युवती के शव की शिनाख्त करने में पुलिस नाकाम साबित हुई। यहां तक यह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि युवती की हत्या की गई है या उसने आत्महत्या की है। तमाम पेंचीदा मामलों की गुत्थी सुलझाने में कामयाब रही पुलिस ने इस मामले में थकहार कर फाइनल रिपोर्ट लगाकर फाइल ही बंद कर दी।
नौ जनवरी को हर्रैया थाने से महज तीन सौ मीटर दूर हाइवे के किनारे सर्विस रोड से सटे एक खंडहरनुमा मकान के पीछे कुएं से लगभग 27 वर्षीय युवती का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। जिस कुएं में शव मिला था, उसके बारे में आसपास के कम ही लोगों पहले से पता था। यही नहीं पुलिस को भी इस स्थान पर कुएं की जानकारी घटना के बाद हुई।
आसमानी रंग का कुर्ता व काले रंग का प्लाजो पहने युवती का शव औंधे मुंह पानी में उतराते पाया गया था। कुएं को लोहे की जाली से ढका गया है केवल दो से तीन फीट जगह की ग्रिल टूटी है। जहां से मृतका को कुएं में फेंकने की आशंका व्यक्त करते हुए पुलिस ने जांच पड़ताल करते हुए केस दर्ज किया था। घटना के बाद हुए पीएम रिपोर्ट में भी मृतका के शरीर पर चोट के निशान मिले थे, जिसके आधार पुलिस हत्या करने बाद लाश को कुएं में फेंक कर ठिकाने लगाने को आधार मानकर जांच पड़ताल कर रही थी। मगर नौ माह बाद भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है।
थानाध्यक्ष बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि शिनाख्त के लिए उसी समय आसपास के जिलों व एनसीआरबी को फोटो भेजकर जानकारी करने का प्रयास किया गया था। मगर कुछ खास सफलता हासिल नहीं हो सकी है। जिसके बाद अंतिम रिपोर्ट के साथ फाइल दाखिल दफ्तर हो गई है।