नगर आयुक्त अविनाश सिंह बुजुर्ग महिला गिरजा देवी को टैक्स की रसीद देते।
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एक घंटे में चार दशक का दर्द हुआ तो मिर्जापुर पंचपेड़वा निवासी गिरिजा देवी की आंखें छलक आईं। दरअसल 40 साल से गिरिजा देवी नगर निगम में टैक्स के मामले के निस्तारण के लिए चक्कर लगा रहीं थीं। बुधवार को जब नगर आयुक्त अविनाश सिंह के पास पहुंची और अपनी व्यथा बताई तो नगर आयुक्त ने उन्हें चाय-पानी पिलाया और मात्र एक घंटे में मामले को निस्तारित कर दिया। हाथ में टैक्स की रसीद मिलते ही गिरिजा देवी की आंखें खुशी से छलक आईं।
नगर आयुक्त का काम संभालते ही अविनाश सिंह ने सभी संबंधित लिपिकों और कार्य प्रभारियों को निर्देश दिया था कि भवन के नामांतरण से लेकर टैक्स निर्धारण तक की जो भी पत्रावलियां लंबित हैं, उनका तत्काल निस्तारण किया जाए। साथ में यह भी शर्त जोड़ दी कि आवेदकों को फोन करके कार्यालय बुलाएं और कार्य का निस्तारण कर अवगत कराएं। बुधवार को मिर्जापुर पचपेड़वा निवासी गिरजा देवी भी अपने हाऊस टैक्स निर्धारण के पुराने मर्ज का इलाज खोजने आई थीं।
पिछले कड़वे अनुभवों से सहमी गिरजा देवी धीमे कदमों से आयुक्त के कमरे में दाखिल हुईं। उम्र का लिहाज करते हुए आयुक्त ने सबसे पहले उन्हें आदर के साथ कुर्सी पर बैठाया और फिर लंबित प्रकरण की जानकारी ली। करीब एक घंटे के अंदर ही फाइल का सारा काम निपटाकर संबंधित लिपिक टैक्स निर्धारण का पत्र लेकर हाजिर हो गया। महिला को विश्वास ही नहीं हो रहा था जिस काम के लिए उनके जीवन का आधा से अधिक हिस्सा नगर निगम के कमरों में घूमने में निकल गया, वह एक घंटे ही निपट गया।
गोरखपुर नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि सभी संबंधित लिपिकों व कार्य प्रभारियों को पहले ही निर्देशित किया गया था कि इस तरह की पत्रावलियों का तत्काल निस्तारण होना चाहिए। बुधवार को गिरजा देवी का प्रकरण सामने आया तो मुझे आश्चर्य हुआ कि यह काम अभी तक कैसे लटका हुआ है। संबंधित कर्मचारी को अभी निस्तारण करने अथवा दंड भोगने को तैयार रहने को कहा गया। इसके बाद एक घंटे के अंदर ही काम निपट गया। महिला को टैक्स निर्धारण के आदेश की कॉपी उपलब्ध करा दी गई है। नगर निगम से संबंधित ऐसे किसी प्रकरण को लेकर कोई नागरिक परेशान है तो वह मुझसे सीधे मिले, तुरंत समाधान मिलेगा।