पिछले चार-पांच दिनों से हो रही बारिश का असर जिले की नदियों के जलस्तर पर भी दिखने लगा है। घाघरा नदी शनिवार को बरहज में खतरे के निशान को पार कर गई। जबकि अयोध्या में खतरे के निशान से 28 सेमी. नीचे है। राप्ती नदी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वहीं, रोहिन नदी का जलस्तर कभी भी लाल निशान को पार कर सकता है।
जिले की नदियों के उफान को देखते हुए आशंका है कि सूखे का दंश झेल रहे जनपदवासियों को बाढ़ का भी सामना करना पड़ सकता है। पिछले चार-पांच दिनों से हो रही बारिश के कारण जिले की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। घाघरा नदी शनिवार शाम को बरहज में खतरे का निशान पार करके 10 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी है।
राप्ती नदी का जलस्तर शुक्रवार को 72.250 मीटर था। शनिवार शाम 73.250 मीटर हो गया। इस तरह राप्ती का पानी चौबीस घंटे में एक मीटर बढ़ गया है। रोहिन नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। वह खतरे के निशान से 86 सेमी. नीचे बह रही है, लेकिन जिस रफ्तार से उसका जलस्तर बढ़ रहा है, उससे वह कभी भी खतरे का निशान पार कर सकती है। वहीं, गोर्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन वह खतरे के निशान से लगभग दो मीटर नीचे बह रही है।