हत्या में सामने आई थी यह वजह
अंकुर की हत्या के पीछे की जो वजह सामने आई थी, उसमें पुलिस की लापरवाही भी उजागर हुई थी। अंकुर की हत्या में जो अवधेश आरोपी बनाया गया था, वह अंकुर के घर में चोरी करते हुए पकड़ा गया था। तब मामला रामगढ़ताल थाने पर भी गया था, लेकिन कार्रवाई की जगह मामला रफादफा हो गया था। बाद में हत्या के बाद एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने इसे गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसी क्रम में पुलिस ने आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की है।
हत्या को लेकर हुई थी खूब सियासत
हत्या विधानसभा चुनाव के दौरान होने की वजह से सियासत भी खूब हुई थी। मृतक के घर पर विपक्षी नेताओं का तांता लगा था। परिजन भी डर गए थे और घर छोड़ने का पोस्टर चस्पा कर दिए थे। लेकिन, बाद में पुलिस ने उन्हें सुरक्षा दी थी। हत्या को लेकर सियासी पारा चढ़कर उतर गया, लेकिन पुलिस की कार्रवाई जारी थी। अब पुलिस ने आरोपितों की जमानत न होने पाए, इसकी कोशिश की है।
केस की पैरवी कर सजा दिलाने की कोशिश
इस मामले की पुलिस लगातार कोर्ट में पैरवी भी कर रही है। तारीख पर मौजूद होकर पुलिस साक्ष्यों के साथ पैरवी कर रही है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा के आदेश पर पुलिस ऑपरेशन शिकंजा के तहत इस केस की मानीटरिंग कर रही है। कोर्ट में पुलिस इसकी पैरवी कर रही है। कोशिश यही है कि इस मामले में आरोपितों को सजा कराई जा सके।
रामगढ़ताल इंस्पेक्टर सुशील कुमार शुक्ला ने कहा कि एक आरोपी मनीष नाबालिग था। उसके लिए पर्यवेक्षण समिति से अनुमति ली गई थी। अनुमति मिलने के बाद चारों आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई का रिपोर्ट तैयार किया गया।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि अंकुर शुक्ला हत्याकांड के आरोपियों पर पुलिस की रिपोर्ट पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। पुलिस आरोपियों को सजा दिलाने के लिए ऑपरेशन शिकंजा के तहत इसकी पैरवी भी कर रही है। पुलिस को निर्देशित किया गया है कि कोर्ट में इसकी निरंतर पैरवी की जाए, ताकि सजा हो सके।