19 जनवरी 2021 की रात बल्ली चौराहे के समीप रामआसरे को गोली मारी गई थी। पुलिस ने रामआसरे के भाई रामनयन की तहरीर पर 13 नामजद और सात अज्ञात पर केस दर्ज किया था। मामले में शैलेश यादव के पिता जवाहर यादव, झंगहा के शिवपुर निवासी केशव सिंह, झंगहा के पंकज सिंह, गहिरा के रघुनाथ मौर्य, रामधनी मौर्य, रामदीहल, रेती चौक निवासी ओमप्रकाश जायसवाल, कुशीनगर के मठिया बुजुर्ग निवासी अभय दुबे, खोराबार के संजय कुमार शुक्ल आरोपी बनाए गए थे।
विवेचना में मनीष साहनी, गोलू उर्फ मुहम्मद असरफ, अभिषेक मिश्र, अजय मिश्र, प्रदीप शुक्ल, कृष्ण मोहन तिवारी, हनुमान मिश्र का भी नाम सामने आया था। पुलिस ने सभी पर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। मामले में जवाहर कोर्ट में हाजिर हुए, जिन्हें बाद में जमानत मिल गई थी।
डॉ. अभिषेक के बाद सबसे बड़ी कार्रवाई
गैंगस्टर एक्ट के तहत अब तक की कार्रवाई में डॉ. अभिषेक यादव के बाद यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले राज नर्सिंग कॉलेज के संचालक डॉ. अभिषेक यादव व उनके संबंधियों की 100 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। अब जवाहर यादव की 85 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति चिह्नित की गई है, जिसे जब्त किया जाना है।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख शैलेश यादव ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से हुई है। जब्तीकरण के संबंध में पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया। अचानक संपत्ति जब्त कर ली गई। पैतृक संपत्तियों के साथ ही परिवार के उन सदस्यों की भी संपत्ति जब्त की जा रही है, जिनका नाम गैंगस्टर केस में नहीं है। हमें कानून व कोर्ट पर विश्वास है। मामले को लेकर कोर्ट जाएंगे।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। भू-माफिया जवाहर यादव ने बेटों व सहयोगियों संग मिलकर अपराध के बल पर करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है। इसी क्रम में इस गिरोह के लोगों ने एक हत्या भी की थी। अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की गई है। कुछ संपत्तियां चिह्नित हैं, जिसे जल्द जब्त किया जाएगा।