पांच थानों से मांगी गई रिपोर्ट
11 में से 10 मुकदमे कैंपियरगंज, गोरखनाथ, राजघाट, खजनी व गीडा से संबंधित हैं। सीओ कैंट ने इन थानों से भी मुकदमों से संबंध में रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद एक और रिपोर्ट भेजी जाएगी।
पहले महिला, फिर बहन ने दर्ज कराया दुष्कर्म का केस
सीओ की जांच में सामने आया है कि 2018 में राजघाट और गोरखनाथ में दुष्कर्म का केस दर्ज कराने वाली महिला अपनी बहन को आगे करती है, फिर बहन से खजनी थाने में तीन लोगों पर दुष्कर्म का केस दर्ज करा देती है। इस मामले में आरोपी जेल भी भेजे गए। एक युवक ने विरोध किया तो उसके परिचित पर गीडा थाने में सामूहिक दुष्कर्म का केस 2021 में दर्ज करा दिया गया। इन सब मामलों में भी पैरवीकार एक ही है, जिसने कोर्ट के जरिए केस दर्ज कराने की सलाह दी थी।
एफआर लगाने वाला दरोगा भी बना है आरोपी
महिला ने 2016 के दौरान ही कैंपियरगंज थाने में तीन लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराया। मामले में आरोपी पहले जेल भेजे गए, फिर पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की। अफसरों के आदेश पर हुई जांच में पुलिस ने पाया कि मामला पूरी तरह से फर्जी है। विवेचक ने मामले में फाइल रिपोर्ट लगा दी। महिला को जैसे ही इसकी जानकारी हुई, उसने फिर विवेचक रहे दरोगा पर ही लूट, बलवा, धमकी देने का केस दर्ज करा दिया। इस बार उसका आरोप था कि केस के जांच के दौरान दरोगा ने उससे रुपये छीन लिए और धमकी दी।
वरिष्ठ अधिवक्ता मृत्युंजय राज सिंह ने कहा कि दुष्कर्म का फर्जी केस दर्ज कराने वाली महिलाओं को एक अधिवक्ता का विधिक संरक्षण प्राप्त है। इस गंभीर मामले में न्यायप्रिय कार्रवाई के लिए शिकायत कराई गई थी। पुलिस की जांच से न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। आगे भी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस की हर संभव मदद की जाएगी। कोर्ट में भी पीड़ितों की पैरवी कर न्याय दिलाया जाएगा।
एसपी सिटी (प्रभारी एसएसपी) कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि जांच रिपोर्ट का अध्ययन कर कार्रवाई की जाएगी। गिरोहबंद होकर इस तरह से गंभीर अपराध को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया है तो गैंग पंजीकृत कर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।