दुकान मालिक की सूचना पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। वारदात की जानकारी होने पर एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता खुद जांच पड़ताल के लिए पहुंचे थे। उन्होंने सरहरी चौकी प्रभारी धनंजय राय को बदमाशों की गिरफ्तारी का टास्क सौंपा था। दुकान मालिक दुर्गा प्रसाद जायसवाल ने पुलिस टीम का उत्साह बढ़ाते हुए 52 सौ रुपये का इनाम देने की घोषणा कर दी।
जांच में पुलिस को आसपास के बदमाशों के शामिल होने की जानकारी मिली। बुधवार को एसएचओ मनोज कुमार राय, धनंजय राय, एसआई गोपाल यादव, कांस्टेबल अरविंद कुमार दुबे, विकास यादव, राहुल कुमार और अभय शंकर पांडेय की टीम बदमाशों की तलाश में निकली। मंगलपुर कजरहटे बाग में पुलिस ने चार युवकों को देखकर घेराबंदी की। पुलिस को देखकर बदमाश भागने लगे।
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पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान गुलरिहा, मंगलपुर बौडिहवा निवासी अजय यादव और सुजीत कुमार, मंगलपुर कोईलहिया के आशीष निषाद और महराजगंज चौराहा के कमरुद्दीन उर्फ पंमपंम के रूप में हुई। बदमाशों ने बताया कि अजय के कहने पर चारों ने शराब की दुकान लूटने की योजना बनाई। हड़बड़ी में वहां से ज्यादा रकम नहीं ले जा पाए। पकड़ा गया आशीष निषाद 2013 में एनडीपीएस और 2018 में चोरी के आरोप में जेल जा चुका है।
एसपी नार्थ ने बताया कि कमरुद्दीन महराजगंज चौराहे पर बैंड कंपनी चलाता है। लॉकडाउन में बैंड का काम नहीं हुआ तो वह लूट की योजना में शामिल हो गया। अजय की मिठाई की दुकान थी जो बंद हो चुकी है। आशीष अपने गांव पर मछली पालन करता है। सुजीत यादव अपने गांव में स्कूल चलाता था, लेकिन विवाद के कारण स्कूल भी बंद हो गया। एसपी ने बताया कि लूट की शराब अजय अपने घर में ले जाकर छिपाया था। पैसे को तीनों ने आपस में बांट लिए थे।