जिला पूर्ति अधिकारी के मुताबिक ग्रामसभा का प्रस्ताव पारित कराने के बाद तहसील स्तरीय चयन समिति के माध्यम से उचित मूल्य की दुकान की नियुक्ति की कार्यवाही होगी। ग्रामसभा की खुली बैठक के समय सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोविड-19 के प्रोटोकॉल का अनुपालन कराया जाएगा।
कोटे की रिक्त ऐसी दुकानें जहां अनुकंपा के आधार पर आवंटित किया जाना है, वे दुकानें महिला समूहों को नहीं आवंटित की जा सकेंगी। स्वयं सहायता समूहों के द्वारा आवेदन नहीं करने अथवा आवंटन के लिए योग्य नहीं पाए जाने की स्थिति में पूर्व में कार्यरत फुटकर मिट्टी तेल के विक्रेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
एक से अधिक स्वयं सहायता समूहों के आवेदन करने पर, उस स्वयं सहायता समूह को वरीयता मिलेगी, जिस समूह के क्रियाशील सदस्यों की संख्या अधिक हो। क्रियाशील सदस्यों की संख्या का निर्धारण उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त स्वत: रोजगार की अनुशंसा से किया जाएगा।