उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित गीता प्रेस से पहली बार गणेश पुराण का प्रकाशन होने जा रहा है। इस उप पुराण में वर्णित गणेश महिमा के वर्णन को पाठक जनवरी 2021 कल्याण के विशेषांक में पढ़ सकेंगे। इस पुराण की देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सप्लाई की जाएगी।
गीता प्रेस की धार्मिक पुस्तकों की पहचान देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में है। लोगों को नित नए धार्मिक पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए गीता प्रेस की ओर से निरंतर प्रयास किए जाते हैं। इन्हीं प्रयासों के क्रम में गीता प्रेस से प्रकाशित होने वाली ख्याति प्राप्त पत्रिका कल्याण के जनवरी 2021 के विशेषांक के रुप में इस बार गणेश पुराण का प्रकाशन किया जा रहा है। इस पुराण के माध्यम से पाठकों को भगवान गणेश से संबंधित अनेकों कहानियों के साथ ही तमाम तमाम नई चीजें पढ़ने को मिलेंगी।
गणेश पुराण गणपति उपासना का प्रतिनिधि ग्रंथ है। यह पुराण उपासना खंड और क्रीडा खंड नामक दो खंडों से मिला हुआ है। गणेश पुराण की गणना उप पुराणों में प्रथम रुप में होती है। गणपति भक्त इसे ‘गणेश भागवत’ कहकर ‘भागवत महापुराण’ कहकर आदर देते हैं।
इसके उपासना खंड में गणपति सहस्त्रनाम स्त्तोत्र, गणेश चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी आदि व्रतों की कथाओं के साथ ब्रह्मा, विष्णु, शिव आदि देवताओं ऋषि-मुनियों, राजाओं और गणेश भक्तों द्वारा की गई उनकी उपासना कथाएं भी सम्मिलित हैं। क्रीडा खंड में ‘गणेश गीता’ भगवान गणेश की बाल लीलाओं एवं उनके महोत्कट, विनायक आदि अवतारों का वर्णन है। इस प्रकार यह संपूर्ण पुराण रोचक एवं भक्ति लीला कथाओं से परिपूर्ण है। जिसे 2021 में पाठक गणेश विशेषांक के रूप में पढ़ सकेंगे।