ये है चैटिंग के अंश
सुबह 8:57 बजे। हैलो! आप कैसे हैं, इस समय आप कहां हैं? इसके बाद अधिकारियों ने समझा कि ये हमारे डीएम साहब हैं। अधिकारियों ने लिखा सुप्रभात सर, आवास पर हैं। जालसाज ने लिखा...एक ऐसी चीज है जो आपको मेरे लिए तत्काल करने की आवश्यकता है। क्योंकि मैं वर्तमान में सीमित फोन कॉल के साथ एक बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक में भाग ले रहा हूं। अधिकारियों ने 9:16 बजे लिखा कि सर क्या आवश्यक है? जालसाज ने कहा कि क्या आप किसी अमेजन पे गिफ्ट कार्ड से परिचित हैं? अधिकारी...हां बहुत अच्छी तरह से। इसके बाद रुपये की डिमांड करते हुए जालसाज ने लिखा कि कुछ सूचीबद्ध संभावनाएं हैं, मैं उन्हें आज प्रस्तुत कर रहा हूं, मैं इसे पूरा नहीं कर सकता हूं।
डीएम ने की सतर्क रहने की अपील
डीएम ने लोगों से अपील की है कि साइबर अपराधियों के चंगुल में ना फंसें। फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि सोशल नेटवर्किंग साइटों पर किसी भी व्यक्ति द्वारा रुपये की मांग करने पर तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दें। एसएसपी ने बताया कि डीएम की फर्जी व्हाट्सएप आईडी को सोशल मीडिया साइट्स से बात कर बंद करवा दिया गया है। पूरा विवरण मांगा गया है। जानकारी मिलते ही आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एडीजी और एसएसपी के नाम भी मांग चुके हैं रुपये
जालसाज इससे पहले गोरखपुर में एडीजी रहे दावा शेरपा और एसएसपी रहे दिनेश प्रभु का व्हाट्सएप और फेसबुक एकाउंट का क्लोन बनाकर रुपये मांग चुके हैं। वहीं यूनिवर्सिटी के कुलसचिव और कुलपति के अलावा तमाम नेताओं, दरोगा, आमजन के भी सोशल मीडिया एकाउंट को हैक कर रुपये मांगे जा चुके हैं।