गोरखपुर। बैंक ऑफ महाराष्ट्र, गोलघर शाखा में सीसी लोन खाता बंद कराने के नाम पर जालसाजी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर कैंट थाना पुलिस ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक सलीम और एजेंट संदीप के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अशोक नगर बशारतपुर निवासी रघुवीर कुमार ने जनता दर्शन में मुख्यमंत्री से शिकायत की थी कि उन्होंने वर्ष 2013 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र से सीसी लोन लिया था। कई वर्षों तक खाते का संचालन नियमित रूप से चलता रहा, लेकिन कोरोना काल में आर्थिक स्थिति बिगड़ने पर वे किश्तें जमा नहीं कर पाए। इसी दौरान, उनकी मुलाकात तत्कालीन शाखा प्रबंधक सलीम और एजेंट संदीप से हुई, जिन्होंने आश्वासन दिया कि पांच लाख रुपये जमा करने पर लोन खाता पूरी तरह क्लियर हो जाएगा।
रघुवीर के अनुसार, इस भरोसे पर उन्होंने 4 नवंबर 2023 को पांच लाख रुपये शाखा प्रबंधक सलीम के खाते में और 76 हजार रुपये एजेंट संदीप के खाते में ट्रांसफर कर दिए। उनका कहना है कि रकम देने के बाद भी न तो उनके खाते का निस्तारण हुआ और न ही बैंक की ओर से आधिकारिक जानकारी दी गई। इसके विपरीत, कुछ माह बाद उन्हें बैंक से नीलामी का नोटिस मिल गया। नोटिस देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई, जिसके बाद जांच में सामने आया कि खाते के निस्तारण के नाम पर ली गई रकम बैंकिंग सिस्टम में जमा ही नहीं की गई। इस पर रघुवीर ने कैंट थाना में तहरीर दी। थानाप्रभारी संजय सिंह ने बताया कि शाखा प्रबंधक सलीम और एजेंट संदीप के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का प्राथमिकी दर्ज कर लिया है। बैंक रिकॉर्ड समेत धन हस्तांतरण के सबूत खंगाले जा रहे हैं। सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।