अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 315 पदों पर भर्ती करवाने का दावा करके बेरोजगारों को शिकार बनाने वाले जालसाज मामला उजागर होते ही शनिवार को गायब हो गए। सुबह से ही उनके ऑफिस का शटर गिरा रहा। इसके अलावा इस कंपनी से जुड़े, होटल शिवम में ठहरे लोग भी चेकआउट कर गए।
यानि, पोल खुलते ही बेरोजगारों को ठगने के लिए जाल बिछाए लोगों में भगदड़ मच गई। अलबत्ता अपराध रोकने के लिए वेतन उठाने वाली पुलिस के शरीर में जुंबिश तक नहीं हुई। शायद रामगढ़ताल की पुलिस को इंतजार है कि कुछ लोग जालसाजों का शिकार होकर उसके पास कलपते हुए आएं, तो वह कुछ करे।
होटल प्रबंधन ने शनिवार शाम को बताया कि प्रकाश नाम पर पिछले 21 नवंबर से से कमरा बुक था। इसके पहले भी कमरे की बुकिंग की गई थी, लेकिन दो या तीन दिनों के लिए ही। शनिवार को दोपहर में फोन पर ही प्रकाश ने कमरा खाली करने और सामान अपने किसी दूसरे साथी के आने पर उसे देने के लिए कहा। बताया कि, होटल का कुछ भुगतान भी बचा हुआ है।
इसके अलावा सेल टैक्स ऑफिस में जहां जालसाजों ने ऑफिस खोला है, वहां का शटर शनिवार को गिरा रहा। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि प्रतिदिन शटर उठता था, लेकिन शनिवार को पूरे दिन ऑफिस का शटर नहीं उठा। हालांकि, पूछताछ में पता चला कि कचहरी जाकर कुछ काम करने की बात कहकर सभी लोग ऑफिस से चले गए। शुक्रवार को को अमर उजाला ने ‘एम्स प्रबंधन लोकार्पण की तैयारी में व्यस्त जालसाज बेरोजगारों को ठगने में मस्त’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
पूरे दिन बिल्डिंग में होती रही चर्चा
तारामंडल सेल टैक्स ऑफिस कटरे के प्रथम तल पर जालसाजों ने काफी दिनों से अपना कार्यालय खोल रखा था। आलम यह था कि, वहां जाने वाले सीधे एम्स में भर्ती करवाने वाले कार्यालय का पता पूछते और लोग उनके दफ्तर की तरफ भेज देते। पड़ताल करने वाली टीम भी शुक्रवार को ऐसे ही कार्यालय तक पहुंची थी। अमर उजाला में खबर छपने के बाद आसपास की दुकानों समेत अन्य लोगों ने उनकी हिम्मत पर ताज्जुब जताया कि किस तरह उन्होंने जालसाजी के लिए सरेआम ऑफिस खोल रखा था। लोग कह रहे थे कि आखिर जालसाजों की हिम्मत तो देखिए कि सरकारी कार्यालय के नीचे और रामगढ़ताल थाने से चंद कदमों की दूरी पर ही खुलेआम ऑफिस खोलकर जालसाजी करते रहे। बीट रिपोर्टिंग, हॉक और अन्य पुलिस की गश्ती का भी लोगों ने मजाक उड़ाया, कहा कि बिना पुलिस की कृपा के आखिर कोई कैसे इस तरह से हिम्मत करेगा।
एसएसपी विपिन ताडा ने बताया कि नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों के लिए रविवार को पुलिस लाइन में कैंप का आयोजन किया गया है। अगर किसी के साथ नौकरी के नाम पर ठगी हुई है तो वह आकर अपनी शिकायत कर सकते हैं। इसकी जांच करवाई जाएगी।