- पाठ्यक्रम के लिए विश्वविद्यालय ने एनसीटीई में किया आवेदन
- परिसर में रोजगारपरक पाठ्यक्रम को बढ़ावा देने को विश्वविद्यालय ने की पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मदनमोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में अब चार वर्षीय बीएससी-बीएड की भी पढ़ाई होगी। इसके लिए विश्वविद्यालय ने एनसीटीई (नेशनल काउंसिल ऑफ टीचिंग एजुकेशन) की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि बाद यह पाठ्यक्रम सत्र 2025-26 से शुरू किया जाएगा।
विश्वविद्यालय को बीएससी की पढ़ाई के लिए ज्यादा संशोधनों की जरूरत नहीं है। उसके पास योग्य शिक्षक के साथ-साथ लैब की भी व्यवस्था है। जो अभ्यर्थी इस चार वर्षीय पाठ्यक्रम को पूरा करेगा, उसे बीएससी के साथ ही बीएड की डिग्री दी जाएगी। विश्वविद्यालय इस पाठ्यक्रम को शुरू करने की जल्दीबाजी में नहीं है। पाठ्यक्रम समन्वयक डाॅ. अभिजीत मिश्रा ने बताया कि विज्ञान के विद्यार्थियों को माध्यमिक शिक्षा के बाद ही शिक्षण कार्य को व्यवसाय के रूप में चुनने में आसानी होगी। इंटरमीडिएट के बाद ही उनके लिए शिक्षण के क्षेत्र में रोजगार के विकल्प उपलब्ध होने लगेंगे।
कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने पर जोर है। विश्वविद्यालय भी इस दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। पूर्वांचल में शिक्षक-शिक्षा को काफी पसंद किया जाता है। इसी क्रम में परिसर में चार वर्षीय बीएससी-बीएड शुरू करने की तैयारी है। सत्र 2025-26 से इस पाठ्यक्रम का संचालन शुरू करने की योजना है। इसके लिए एनसीटीई मेें आवेदन कर दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही पाठ्यक्रम को संचालित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।