एसपी नार्थ मनोज अवस्थी और एएसपी मानुष पारिक ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी। एसपी ने बताया कि 13 फरवरी को शिव शक्ति गैस एजेंसी के मैनेजर से लूट हुई थी। जिसका पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए लुटेरों को पकड़ा था और कुछ असलहे भी बरामद किए थे।
जानकारी मिली थी कि जिस पिस्टल का प्रयोग लूट में हुआ था, वह तेज प्रताप साहनी ने घटना के बाद पकड़े गए लुटेरे अनिरुद्ध को बेचा था। पूछताछ में असलहा तस्करी में पकड़े गए सप्लायर तेज प्रताप ने बताया कि वह अपने साथी रविंद्र निषाद, कमलेश के साथ मिलकर असलहा बेचता है। उसे यह असलहा चिलुआताल के शेखपुरवा निवासी वीरू सिंह उर्फ हर्ष सिंह मुहैया कराता है।
तेज प्रताप ने एक पिस्टल दीपक यादव को तथा एक पिस्टल पूर्व में गिरफ्तार बदमाश अनिरुद्ध को बेचा था। पुलिस के अनुसार, इन तस्करों को असलहा मुहैया कराने वाला वीरू सिंह इस समय डकैती के आरोप में 24 जनवरी से जेल में बंद है। उससे पूछताछ कर असली तस्कर तक पहुंचा जाएगा। एसपी ने बताया कि आरोपी व्हाट्सएप पर असलहे की फोटो भेजकर पहले पसंद कराते थे, फिर बेचने जाते थे।
30 हजार में बेचते थे पिस्टल
एसपी नार्थ ने बताया कि जय प्रताप पहले व्हाट्सएप पर असलहे की फोटो भेजकर पसंद कराता था। फिर डील पक्की कर साथियों संग मिलकर सप्लाई करता था। वह एक पिस्टल 30 हजार में और एक तमंचा 10 हजार में बेचता था। हर पिस्टल व तमंचे पर उसे दो से तीन हजार का फायदा होता था। पुलिस अब मुख्य सप्लायर जेल में बंद वीरू से भी पूछताछ करेगी। इसके बाद आपूर्ति वाले तक पकड़ने की कोशिश करेगी।