ठंड में वे अपने पोस्ट में बैठकर ही सरहद की सुरक्षा कर सकेंगे। कॉलेज के निदेशक डॉ. एनके सिंह ने बताया कि छात्रों को उचित सहायता व मार्गदर्शन के लिए कॉलेज प्रशासन की ओर से गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा गया है।
छात्रों ने जो मॉडल तैयार किया है, उसमें दो इंच के दो मेटल के बैरल हैं, जिसमें बुलेट एक वायर से कनेक्ट रहेगी। यह वायर फ्लापी डिस्क से जुड़ा रहेगा। मोबाइल फोन से इसे संचालित करने पर मशीनगन में लगाए गए 360 डिग्री के कैमरे लक्ष्य साधेंगे। मोबाइल के स्क्रिन को टच करने के बाद कमांड फ्लापी डिस्क के पास जाएगा। डिस्क, बैटरी के माध्यम से करंट उत्पन्न करेगा। यह करेंट बुलेट के पास लगे फिलामेंट के पास वायर के माध्यम से पहुंच जाएगा। एक से दो सेकेंड में फिलामेंट हीट हो जाएगी और इससे निकली चिंगारी से बुलेट ब्लास्ट हो जाएगा।
निर्माण में लगे सामान
कार का साकार स्प्रिंग, दो इंच की मेटल पाइप, वाईफाई, कैमरा, 9 वोल्ट की बैटरी, स्विच, लोहे के पार्ट्स आदि।