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Gorakhpur News: ठगी की आरोपी गरिमा और अन्य आरोपियों पर दर्ज हो चुकी है चार प्राथमिकी

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गोरखपुर। डॉक्टरों और अधिकारियों को लोन के नाम पर जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये की ठगी की आरोपी गरिमा सिंह, उसके पिता ध्रुव नरायण, शिक्षक दामाद और गिरोह के अन्य गुर्गों पर चार प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। पुलिस के पास अब तक 10 पीड़ितों की शिकायतें पहुंच चुकी हैं। इनमें चार मामलों में जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज हुई है।
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पीड़ितों के आरोपों के मुताबिक, गिरोह ने 10 करोड़ रुपये से अधिक की रकम हड़पी है। चार में से तीन प्राथमिकी एम्स थाने और एक सहजनवां थाने में दर्ज हुई है। वहीं छह अन्य शिकायतों की जांच सीओ स्तर से चल रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में आरोपों की पुष्टि और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर इन मामलों में भी जल्द एफआईआर दर्ज की जाएगी।
छह और पीड़ितों की शिकायतें जांच के घेरे में
पुलिस के पास छह अन्य लोगों ने भी गरिमा सिंह और उसके साथियों पर ठगी के आरोप लगाए हैं। सभी शिकायतों में लोन के नाम पर रकम हड़पने की बात सामने आई है।
रेलवे के मुख्य टिकट निरीक्षक अभिमन्यु कुमार ने 52.29 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, होम लोन माफ कराने के नाम पर गरिमा ने उन्हें अपने जाल में फंसाया और उनके नाम पर लोन कराकर रकम हड़प ली।
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डॉ. दिलीप सिंह ने 1.37 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लोन माफ कराने के नाम पर अलग-अलग बैंकों से लोन कराया गया और पूरी रकम हड़प ली गई।
सरकारी शिक्षक साधना मल्ल ने 68 लाख, शिक्षक सुग्रीव सिंह ने 70 लाख, स्टेशन मास्टर ब्रह्मानंद सिंह ने 45 लाख और मत्स्य विभाग के कर्मचारी भूपेंद्र सिंह ने 60 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। भूपेंद्र के मुताबिक, रकम लेने के बाद गरिमा ने फोन उठाना भी बंद कर दिया।
पुलिस अब इन शिकायतों में बैंक खातों, लोन दस्तावेजों और रकम के लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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