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वारिस की तलाश में रह जाते लावारिस: चार महीने में मिली चार लाशें, नहीं हो सकी पहचान

Mon, 09 May 2022 01:13 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया कि बांसगांव में बच्चे की हत्या की जांच अभी जारी है। कोशिश है कि जल्द ही पर्दाफाश कर लिया जाए। लावारिस शवों के पहचान के लिए भी पुलिस कोशिश कर रही है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले में लावारिस मिले शवों के पहचान में गोरखपुर पुलिस फिसड्डी साबित हुई है। वहीं, कई मामले ऐसे भी हैं, जिसमें शव की शिनाख्त तो हो गई, लेकिन कातिल तक पुलिस नहीं पहुंच पाई।

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बात अगर सिर्फ पिछले चार महीनों की करें तो जिले में चार लावारिस लाशें मिलीं, जिसकी पहचान नहीं हो पाई। उधर, बांसगांव के बहोरवा में छह साल के गोलू की हत्या की गई थी। पुलिस कातिल तक नहीं पहुंच पाई। समय गुजरने के साथ ही पुलिस अफसरों की नजर हट जाती है और फिर थाना पुलिस फाइलों को बंद कर देती हैं।

जानकारी के मुताबिक, लावारिस शव के मिलने पर पुलिस आसपास के जिलों की पुलिस से शिनाख्त के लिए मदद मांगती है, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल रही। शव मिलने के कुछ समय बाद पुलिस भी इस ओर ध्यान नहीं देती और फिर हत्या क्यों और किसने की, इस राज से पर्दा नहीं उठ पाता।
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पुलिस दलील देती है कि किसी दूसरे जिले में हत्या कर शव को लाकर फेंका गया, लेकिन फिर सवाल यह भी उठता है कि आखिर गोरखपुर पुलिस की रात्रि गश्त कहीं न कहीं कमजोर है, तभी तो कोई शव लाकर फेंक कर चला जाता है और पुलिस को भनक तक नहीं लगती।

 

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एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया कि बांसगांव में बच्चे की हत्या की जांच अभी जारी है। कोशिश है कि जल्द ही पर्दाफाश कर लिया जाए। लावारिस शवों के पहचान के लिए भी पुलिस कोशिश कर रही है।

बांसगांव में बालक की हत्या का पर्दाफाश नहीं

छह अप्रैल को बांसगांव के बहोरवा में छह साल के गोलू की हत्या की गई थी। शव घर के पास ही झाड़ी में मिली थी। तंत्र-मंत्र में हत्या की आशंका पर पुलिस ने कई तांत्रिकों को हिरासत में भी लिया था, लेकिन आज तक असल कातिल को पुलिस नहीं ढूंढ सकी। हत्या किसने और क्यों की, इस सवाल का जवाब ढूंढने के लिए पुलिस की जांच आज भी जारी है।

हाल के महीनों में मिले शव

  • 29 अप्रैल को सिकरीगंज इलाके में सड़क किनारे मासूम बच्चे का कटा सिर मिला। धड़ नहीं मिला था। इसकी जांच जारी है, लेकिन अभी तक पहचान नहीं हो पाई।
  • 24 अप्रैल को झंगहा के गोबड़ौर चौकी क्षेत्र में राप्ती नदी से एक लड़की व एक लड़के का शव मिला था। दोनों के हाथ एक दूसरे से बंधे थे। पुलिस ने दोनों के प्रेमी युगल होने की आशंका जताई थी। उनकी पहचान के लिए 10 हजार के इनाम की भी घोषणा की गई थी लेकिन, पहचान नहीं हो पाई।
  • 8 फरवरी को झंगहा के भगने बंधे के पास चादर में लपेटकर बोरे में भरकर फेंकी गई 22 वर्षीय युवती का शव मिला था। उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। पुलिस ने पहचान के लिए फोटो जारी कर 10 हजार का पुरस्कार देने की घोषणा की थी। लेकिन, पहचान नहीं हो पाई।
  • 7 जनवरी 2021 को गोला के चंदौली गांव के पास बोरे में भरकर 30 वर्षीय महिला की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली, लेकिन अभी तक उसकी भी पहचान नहीं हो सकी।

 
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